रानीगंज-आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा गुरुवार की शाम छठ व्रतियों द्वारा अर्घ्य प्रदान करने के बाद रानीगंज शहर के बरदही तालाब पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले उनका एक्सीडेंट हो गया था, उनके पैर में चोट लगी है, वो थोड़ी परेशानी में हैं. इसीलिए पैरों में दर्द के बावजूद वह इस खास दिन छठ पूजा में शामिल होने आए हैं. हालाँकि, खड़े होकर बोलना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें बैठकर बोलने के लिए मजबूर हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि किस तरह उनकी मां साठ साल से छठ पूजा करती आ रही हैं, और वे कई बार परिवार के सभी सदस्यों के साथ इस पूजा में शामिल हुए हैं. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं और उनके पास क्या योजनाएं हैं, तो उन्होंने कहा कि यह मंच इन सब पर बात करने का नहीं है. हालाँकि बाद में उनके एक करीबी व्यक्ति ने संसद के विकास कार्यों के बारे में बताया. हालांकि, सांसद ने इसकी जानकारी क्यों नहीं दी. उनके साथ मौजूद व्यक्ति ने इन सभी विकास कार्यों को सामने रखा. बहरहाल, सांसद खामोश-खामोश कह कर सबको खुश कर चले गये.वहीं आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल छठ के पवित्र अवसर पर रानीगंज के मथुरा चंडी घाट पहुंची यहां पर वाराणसी के गंगा आरती के तर्ज पर आरती की गई. इस मौके पर यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए. इस मौके पर विधायक ने कहा कि वाराणसी के गंगा आरती के तर्ज पर यहां पर आरती की गई. जिन लोगों ने वाराणसी या हरिद्वार की आरती अच्छी है उनको पता है कि कितना अलौकिक परिवेश का निर्माण होता है और यहां भी इसी तरह से एक माहौल बना है .उन्होंने इसके लिए स्थानीय आयोजकों को बधाई दी और उन्होंने वाराणसी से आए आरती करने वाले लोगों को धन्यवाद दिया. जिनकी वजह से यहां के लोगों को इस अलौकिक दृश्य को देखने का मौका मिला.


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