रानीगंज सिटीजंस फोरम ने रानीगंज को फिर से सबडिवीजन बनाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया.
रानीगंज को सबडिवीजन बनाने से विकास कार्यो में तेजी आएगी.
रानीगंज नगर पालिका का आसनसोल नगर निगम में विलय होने से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं.
जिला शासक ने मुख्यमंत्री को मांग भेजने का आश्वासन दिया है.
रानीगंज: रानीगंज को फिर से सबडिवीजन बनाने सहित विभिन्न की मांग को लेकर रानीगंज सिटीजंस फोरम ने सियारसोल मोड के पंडित पोखर के सामने धरना प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में रानीगंज सिटीजंस फोरम के अलावा रानीगंज शहर के अन्य विशिष्ट लोग जैसे शिक्षक, सांस्कृतिक कार्यकर्ता, व्यापारी आदि भी शामिल हुए.
विकास कार्यो में बाधा: रानीगंज सिटीजंस फोरम के कार्यकारी अध्यक्ष गौतम घटक ने कहा कि पहले रानीगंज सबडिवीजन हुआ करता था लेकिन बाद में इसे हटा लिया गया जिसके कारण रानीगंज में विकास कार्य ठप हो गए हैं. अगर रानीगंज को फिर से सबडिवीजन बना दिया जाए तो यहां अदालत, जेल और अन्य विकास कार्य शुरू हो सकेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि आसनसोल और दुर्गापुर की तरह रानीगंज में भी विकास के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. गौतम घटक ने कहा कि जब रानीगंज नगर पालिका का आसनसोल नगर निगम में विलय किया गया था तब से और भी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.उन्होंने कहा कि रानीगंज सिटीजंस फोरम लगातार शांतिपूर्ण तरीके से रानीगंज को फिर से सबडिवीजन बनाने की मांग कर रहा है. श्री गौतम घटक ने बताया कि उन्होंने इस मामले में जिला शासक से भी बात की है.जिला शासक ने कहा कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसका फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर होगा. हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि रानीगंज सिटीजंस फोरम की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा. गौतम घटक ने जिला शासक के रवैये को सकारात्मक बताया.उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उनकी मांग को मान लेंगे और रानीगंज को फिर से सबडिवीजन बनाया जाएगा.
धरना प्रदर्शन में रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के सलाहकार आरपी खेतान, अध्यक्ष रोहित खैतान,अरुण भरतीया,आई एम ए के डॉ एस के बासु,प्रदीप नंदी, दिनेश चंद्र गुप्ता,मलय रॉय, और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी ने रानीगंज को फिर से सबडिवीजन बनाने की मांग का समर्थन किया.
ज्ञात रहे कि रानीगंज के लोग लंबे समय से रानीगंज को फिर से सबडिवीजन बनाने की मांग कर रहे हैं. इस धरना प्रदर्शन से यह स्पष्ट होता है कि लोग विकास चाहते हैं और वे इसके लिए संघर्ष करने को तैयार हैं.


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