जामुड़िया : सोमवार को भू- धसान इलाके में लोगों से मिलने पहुंचे भाजपा नेता सह पूर्व मेयर जितेन्द्र तिवारी.
ज्ञात हो कि ईसीएल के केंदा एरिया अंतर्गत न्यू केंदा कोलियरी के दो नंबर कहार पाड़ा के पास बीते तीन दिन पूर्व भयावह भू धसान हुआ था .भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी घटनास्थल पर जाकर देखा कि किस तरह से वहां भू-धंसान हुआ था. घटना का जायजा लेने के साथ ही भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने ग्राम वासियों के साथ बातचीत की.
इस दौरान जितेंद्र तिवारी ने आए दिनों हो रही भू-धंसान की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार और ईसीएल प्रबन्धन के विरुध्द नाराजगी जताई . उन्होंने कहा कि यहां ईसीएल का जो पैच चल रहा है वह अवैज्ञानिक पद्धति से चल रहा है.सच तो यह है कि यह सरकार अंग्रेज सरकार से भी बदतर है. बार-बार हो रही भू-धसान की घटनाओं के बावजूद यहां के ग्राम वासी अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर है . ग्राम वासियों की सुनने वाला कोई नहीं है. ज्यादातर पैच के मालिक टीएमसी के नेता हैं,या उनके साथ है. और इस तरह की जब घटना घटती है तब सभी खामोश हो जाते हैं. ना तो ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद इस पर कुछ कहता है. न हीं इलाके के विधायक इस पर कुछ कहते हैं और सांसद तो सांस्कृतिक अनुष्ठान करने में ही व्यस्त है. उनके पास इन सबके लिए कोई समय नहीं है, लेकिन इन सब में यहां के आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है. वह हमेशा मौत के साए में जी रहा है.धसान होती है तो घर के सामने तार का बेड़ा कर दिया जाता है, यहां के लोगों ने गुहार लगाई थी कि वह यहां पर आए उनका यह ख्याल था कि सत्ता पक्ष के नेता यहां पर आएंगे लेकिन वह नहीं आए .इसलिए आज वह पुलिस प्रशासन से बात करके यहां पर आए हैं और लोगों से मिले हैं .उन्होंने कहा कि जिस तरह से यहां पर लोग हताश हो चुके हैं उनके मन में अब कोई आशा नहीं है. क्योंकि कई बार इस तरह से लोग आ चुके हैं आश्वासन दे चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है. वह भी यहां पर लोगों को आश्वासन देने नहीं आए हैं यह एक लंबी लड़ाई है और अगर यहां के लोग उनके साथ देते हैं तो इस लड़ाई के वह अंत तक लेकर जाएंगे.राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बात की घोषणा की थी कि सरकारी जमीन पर रहने वालों को पट्टा दिया जाएगा अगर ऐसा है तो ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की जमीनों पर रहने वाले लोगों को अब तक पट्टा क्यों नहीं दिया गया. अगर उनके पास जमीन के कागजात होते तो इन घटनाओं के बाद उन्हें सरकारी मुआवजा मिलता. ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड का कहना है कि जो लोग पीड़ित हुए हैं उनके पास कोई सरकारी कागज नहीं है. इस वजह से उनको मुआवजा या पुनर्वास मिलने में समस्या उत्पन्न हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर यह इलाका रहने लायक है तो कोलियरी के जनरल मैनेजर एजेंट यहां पर क्यों नहीं रहते या पैच के मालिक का परिवार यहां पर क्यों नहीं रहता. सिर्फ गरीबों को ही यहां पर रहने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है .उन्होंने साफ कहा कि यहां के लोगों को पुनर्वास देना होगा क्योंकि यह इलाका रहने लायक नहीं है. अगर किसी को पुनर्वास दिया जाता है तो वह भी उनके सुविधा के अनुसार तरीके से देना होगा, यहां के रहने वाले लोगों को अगर कुल्टी में पुनर्वास दिया जाए तो वह संभव नहीं है,जिसके मवेशी है,उन्हें चार तल्ला में पुनर्वास देकर क्या लाभ होगा. यहां के लोगों का रोजगार यहां से जुड़ा हुआ है ,इसलिए यहां के लोगों को आसपास के ही किसी क्षेत्र में पुनर्वास देना होगा . सर्वेक्षण करके लोगों की समस्याओं को समझ कर तब उनके निराकरण का इंतजाम करना होगा. उन्होंने साफ कहा कि अगर एक गरीब आदमी कोई अपराध करता है तो उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है ऐसे में अगर पैच मलिक के लापरवाही से किसी की जान जाती है तो पैच मलिक के खिलाफ या ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के खिलाफ क्यों नहीं रिपोर्ट दर्ज कराई जाती. यहां के स्थानीय लोगों से उन्हें पता चला है कि दो-तीन लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन अभी तक इन समस्याओं के निराकरण का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है .उन्हें लोगो से कहा कि धसान प्रभावित लोगों की सूची बनाएं,इसके बाद अगर कोई घटना घटती है तो पैच मालिक और ईसीएल प्रबन्धन के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई जाएगी. वह इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहे हैं और वह अंत तक इस लड़ाई को लड़ेंगे.
इस मौके पर भाजपा नेता निरंजन सिंह, गौतम मंडल रमेश घोष, ब्रिज मोहन पासवान ,जयगणेश सिंह, अजय रुईदास के साथ काफी संख्या में भाजपा समर्थक उपस्थित थे.


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