बांकुड़ा: मेदिनीपुर जंगल से 30 से 32 हाथियों का एक समूह कई दिनों से बिष्णुपुर और जयपुर के जंगलों में उत्पात मचा रहा था. इस दौरान जब हाथियों के मिदनापुर के जंगलों में लौटने का समय होता है, तो एक हथिनी बांकादह रेंज में चिलिंग बांध के पास अपने बच्चे को जन्म देती है। अन्य हाथी रात भर माँ और बच्चे की रक्षा करते हैं। वन कर्मी भी इन दोनों की रखवाली करते हैं. फिर धीरे-धीरे हाथियों का झुंड मां और नवजात बच्चे को लेकर मेदिनीपुर के जंगल की ओर चला गया. मालूम हो कि मां हथिनी अपने छोटे बच्चे को अपने साथ धकेलते हुए करीब 15 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है. चूंकि यह शारदा माँ का इलाका है इसलिए ग्रामीण और वनकर्मी प्यार से हाथी सावक का नाम "सारदा" रख दिया ।
बाइट:- तपब्रत रॉय, रेंज ऑफिसर, बांकादह रेंज।

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