बांकुड़ा-बांकुडा जिले की एक लड़की ने राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रौशन किया . शुशुनिया हाई स्कूल, छतना की नौवीं कक्षा की छात्रा मैत्रेयी बनर्जी ने 17 वर्ष से कम उम्र के 48 किलो से नीचे की श्रेणी में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होकर बांकुरा का नाम रोशन किया।
मैत्रेयी की मां रमा बनर्जी ने सबसे छोटी बेटी का दस साल की उम्र से कराटे प्रशिक्षण केंद्र में दाखिला कराया था, वह चाहती थी कि उसकी बेटी बचपन से ही अपनी सुरक्षा कर सके। यह लड़की पांच साल तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफलतापूर्वक भाग ले चुकी है। इस बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सफलता हासिल कर जिले का नाम रौशन किया.
इस महीने कोलकाता के खुदीराम प्रैक्टिस ग्राउंड में राज्य सरकार के पश्चिम बंगाल स्पोर्ट्स काउंसिल फॉर स्कूल गेम्स द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 23 जिलों के कई बच्चों ने भाग लिया। वहां से सफलता हासिल करने के बाद मैत्रेयी वापस लौट आईं। वह पढ़ाई के साथ-साथ कराटे भी जारी रखना चाहता है। मैत्रेयी ने कहा कि वह बाद में डिफेंस लाइन में जाना चाहती हैं. उनकी सफलता से जिले की लड़कियों को स्वाभाविक रूप से कराटे सीखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उसकी मां ने बताया कि आज के दौर में लड़कियों को अपनी सुरक्षा खुद करने की आवश्यकता है इसलिए हर लड़की को कराटे सीखना जरूरी है यही सोचकर उन्होंने अपनी बेटी को करने का प्रशिक्षण दिलवाना शुरू किया और आज उन्हें गर्व हो रहा है कि उनकी बेटी ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीता वही मैत्रैयी बताया कि वह 5 सालों से कराटे सीख रही है पहले अपना बचाव करने के लिए उसने कराटे सीखना शुरू किया था लेकिन बाद में उसे यह खेल इतना अच्छा लगा कि उसने इस खेल को गंभीरता पूर्वक ना लेना शुरू किया और आज इस प्रतियोगिता में उसने कांस्य पदक जीता वह आगे भी इस खेल को जारी रखना चाहती है और आने वाले समय में वह डिफेंस से जुड़ना चाहती है

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