कोलकाता (पीबी टीवी ) : ममता बनर्जी नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार की मुसीबीते कम होने का नाम नहीं ले रही है। आरजी कर मामले को लेकर अभी भी राज्य में विरोध प्रदर्शन जारी है. इसको लेकर लोगों में राज्य सरकार के प्रति काफी नाराजगी है. इस बीच तृणमूल कांग्रेस के पार्षद पर अपहरण करने का आरोप लगा है. साफ है कि विपक्षी पार्टियों के द्वारा इसको लेकर फिर से तृणमूल सरकार को घेरने की कोशिश की जाएगी। जानकारी के अनुसार सितंबर की शुरुआत में ही खरदा में एक आवासीय कॉम्प्लेक्स के पार्किंग स्थल से त्रिपुरा के एक व्यवसायी का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस और बाद में सीआईडी ने घटना की जांच शुरू की। घटना में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और इस बार उचित सबूत मिलने के बाद बारासात नगर पालिका के वार्ड नंबर 2 के तृणमूल पार्षद मिलन सरदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, त्रिपुरा का व्यवसायी दो सितंबर को खारदा के एक काम्प्लेक्स में था। उसी दिन पार्किंग से उनका अपहरण कर लिया गया और फिरौती मांगी गई। अपहरणकर्ताओं की ओर से करीब 2.5 करोड़ की फिरौती की मांग की गई। मामले की जांच में सीआईडी की टीम गुरुवार की रात बारासात के एक कॉलोनी में छापेमारी की। वहां सत्ताधारी दल के इस पार्षद को व्यवसायी को पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद सीआईडी अधिकारी उन्हें बारासात थाने से सीधे भवानी भवन ले गए। सीआईडी सूत्रों के अनुसार, त्रिपुरा के व्यवसायी के अपहरण के पीछे मास्टरमाइंड के रूप में तृणमूल पार्षद मिलन सरदार का नाम एफआईआर में दर्ज किया गया था। वह घटना के बाद से फरार था। इस घटना से असहज होकर तृणमूल पार्षद ने तुरंत पार्टी से किनारा कर लिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपी मिलन सरदार को भी तृणमूल पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।



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