जामुड़िया-हल्की बारिश ने खोली जामुड़िया के सड़को की पोल .हाल ही में बनाए गए ढ़लाई रास्ते पर पानी निकासी सही रूप से नहीं होने पर सड़क से होकर गुजरने वाले स्थानीय ग्रामवासी ओर दुकानदारों समेत इलाके लोग परेशानी में है. मानसून शुरू होने से पहले ही सड़क पर पानी जमा हो रहे है . स्थानीय निवासियों ने इस घटना के लिए सड़क इंजीनियर और ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया है. यह स्थिति जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के बोरों एक अन्तर्गत वार्ड संख्या 32 की है. बोगड़ा मोड़ मुख्य सड़क से भुईया पाड़ा लोर धोड़ा होते हुए न्यू सातग्राम तक जाने वाली सड़क की यह स्थिति है .स्थानीय लोगों ने बताया कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले संसद निधि से 21 लाख 90 हजार रुपये खर्च कर यह पक्की सड़क बनाई गई थी. नई सड़क शुरू होने से पहले बोगड़ मोड़ के पास एक कलवर्ट तैयार किया गया था .कलवर्ट से ही ढ़लाई सड़क शुरू होती है. यह पानी उस कलवर्ट के नीचे जाने के बजाय उसके ऊपर से बह रहा है जिसके कारण वह पानी सड़क पर ही रह जाती है. सड़कें बनने के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है ,जिसके कारण सड़क पार करना मुश्किल हो गया है, गाड़ी चलने पर पानी दुकान में घुस जाता है, जिसके कारण दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है .इलाके के लोग सवाल उठा रहे हैं कि बिना प्लानिंग के यह कार्य होने पर इस तरह की घटना हो रही है. वहीं इस बारे में पुछे जाने पर इस वार्ड के पार्षद भोला हेला ने बताया कि कइ सालों बाद इस इलाके में रहने वाले लोगों की सुविधा के यह सड़क का निर्माण किया गया है ,लेकिन जब सड़क निर्माण किया जा रहा था उस समय इनके आसपास रहे दुकानदारों ने कहा कि सड़क कि अधिक ऊंचा करने के बाद यह पानी आसपास के दुकानो में घुस जाएंगे, जिसके कारण हमलोगों को भी अधिक परेशानी होगी. तब यह सड़क बारह फ़ीट चोड़ी बनाईं गई है और वहां पर कुछ दुकानदार है जो अपने दुकान के पास सीमेंट दे कर सड़क को ऊंचा कर दिया गया जिसके कारण सही रूप से पानी नहीं निकल पाती है. यह कार्य इन्जीनियर और ठेकेदार करते है फिर भी हमने इस सड़क पर होने वाले जमा पानी निकासी के लिए इन्जीनियर ओर ठेकेदार को कहा है ,ओर यह कार्य जल्द से जल्द किया जाएगा ताकि किसी को कोई भी परेशानी ना हो.


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