रानीगंज- रानीगंज के तरबंग्ला स्तिथ सेनको गोल्ड एंड डायमंड के शोरूम में रविवार को दिनदहाड़े अपराधियों द्वारा गोली चलाकर हुए डकैती की घटना को अंजाम दिया गया. इस मामले में पुलिस के एक अधिकारी श्रीपुर फांड़ी के प्रभारी मेघनाद मंडल ने अपनी जान पर खेल कर अपने फर्ज को अंजाम देकर डे ऑफ हीरो रहे. दरअसल मेघनाथ मंडल अपने किसी व्यक्तिगत काम से रानीगंज के तार बांग्ला स्तिथ शो रूम के विपरीत दिशा स्तिथ एक हार्डवेयर के दुकान में आए हुए थे .लेकिन वह कहते हैं ना कि एक पुलिस अधिकारी हमेशा चौकन्ना और अपने आसपास के घटनाओं से वाकिफ रहता है उसकी छठी इंद्रिय भी हमेशा खुली रहती है. मेघनाद मंडल को यह एहसास हुआ कि सेनको गोल्ड एंड डायमंड के शोरूम में कुछ गड़बड़ है, उन्होंने घटनाक्रम पर नजर रखना शुरू किया तो उनको यह समझ में आ गया कि यहां पर कोई अपराध को अंजाम दिया जा रहा है .उन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू की और अपराधियों को रोकने के लिए एक पेड़ की आड़ लेकर उन पर गोली चलाई .दूसरी तरफ से ताबड़ -तोड़ गोलियां चलने लगी,पूरा इलाका थर्रा उठा,उन्होंने अपने सर्विस रिवाल्वर सह उनके पास मौजूद 10 की 10 गोलियां डकैतों के टीम पर चला दिया, उनके इस कार्रवाई में एक अपराधी घायल हो गया ,डकैत आनन -फानन में अपने घायल साथी को लेकर फरार होने में सफल तो गए,पर सूत्रों के अनुसार इस आक्रमक कार्यवाही के कारण जल्दी बाजी में आभूषण से भरे तीन बैग की जगह आभूषण से भरे एक बैग ही ले जाने में सफल हो पाए . इस पूरे घटना में मेघनाद मंडल के पैर में हल्की चोट आई है.इस घटना ने रानीगंज वासियो में वह रियल हीरो के रूप में लोगो के जुबान पर है. मेघनाद मंडल ने बताया कि उन्होंने गोली चलाने के साथ-साथ चिल्ला कर भी लोगों को एकत्रित करने का प्रयास किया ताकि दबाव पाकर डकैत अपने कारनामे में सफल न हो पाए. उन्होंने बताया की इस तरह की घटना उनके सर्विस में पहली बार है एवं उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वाह किया है वह अपने व्यक्तिगत काम से रानीगंज के एक कंप्यूटर दुकान तत्पश्चात हार्डवेयर के दुकान में गए थे तभी उन्होंने डकैतों की हरकत देखी ,और अपने आप को रोक नहीं पाए.





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