रानीगंज-तिलहन की खेती क्या है और धान के खेतों में तिलहन की खेती क्यों और कैसे करें, इस पर कृषि निदेशक ने कृषकों को विशेष प्रशिक्षण दिया. फरवरी के बाद जैसे ही धान का मौसम समाप्त होता है, भूमि पर बड़े पैमाने पर तिलहन की खेती की जाती है. किसानों और कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि धान की खेती के बाद धान के खेतों में खेती की जाए तो उस भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है, जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ खेती वाले क्षेत्रों में तिलहन उत्पादन के लिए तिलहन की खेती में रुचि बढ़ाना है. राज्य के अन्य हिस्सों की तरह ही रानीगंज कोयला क्षेत्र में भी किसानों को तिलहन की खेती में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए रानीगंज प्रखंड के बल्लभपुर ग्राम पंचायत के बेलुनिया गांव क्षेत्र में एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. बेलुनिया गांव प्राथमिक विद्यालय के समीप स्थित धर्मराज मंदिर परिसर में इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इस दिन किसान परिवार के सदस्यों और किसान मित्रों ने तिलहन की खेती से अतिरिक्त लाभ कैसे कमाया जाए और तिलहन की खेती से पैदावार कैसे बढ़ाई जाए और भूमि को उपजाऊ कैसे बनाया जाए, इस पर रानीगंज ब्लॉक के कृषि पदाधिकारी अनामित्रा रूज, कृषि पदाधिकारी सुदीप्त चक्रवर्ती , दीपा मंडल, वन एवं भूमि कर्मी तरूण मंडल आदि अधिकारियों ने प्रकाश डाला. कार्यक्रम में उपस्थित वन एवं भूमि निदेशक तरूण मंडल ने कहा कि इस क्षेत्र में खूब खेती हो रही है और किसान विभिन्न फसलों को लेकर काफी उत्साहित भी हैं, लेकिन यहां किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने दावा किया कि लगभग एक हजार एकड़ भूमि बाधित हो गई है.उन्होंने इस हिस्से में खेती की सुविधा के लिए लॉक गेट लगाने और क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था सुचारू करने की मांग की है. उन्होंने इस बारे में बार-बार रानीगंज बीडीओ से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इस विषय में कुछ नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि वे भविष्य में कानून एवं श्रम मंत्री से मिलकर इस मामले से अवगत करायेंगे, ताकि किसानों की खेती संबंधी समस्याओं का समाधान हो सके. इस तिलहन की खेती की उन्नत तकनीक जानकर किसान भी खुश हैं, लेकिन सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिलने की शिकायत भी है. इस प्रशिक्षण शिविर में किसान तिलहन की खेती कैसे करेंगे और तिलहन की खेती क्यों करेंगे, इसके बारे में कृषि निदेशक अनमित्रा रूज ने विस्तार से बताया.










0 टिप्पणियाँ