श्री सीताराम जी मंदिर में सामूहिक सुंदर कांड का पाठ का आयोजन में महिलाओं ने हिस्सा लिया



रानीगंज-श्री सीताराम जी मंदिर में सामूहिक सुंदर कांड का पाठ का आयोजन किया गया. इस आयोजन में प्रमुख रूप से महिलाओं ने हिस्सा लिया.कार्यक्रम के आयोजकों की तरफ से सीताराम मंदिर के अध्यक्ष विमल बाजोरिया ने कहा कि जब से अयोध्या में श्री राम मंदिर की स्थापना हुई है पूरा देश राममय हो गया है. रानीगंज में भी श्री राम के परम भक्त हनुमान के गुणगान के लिए सुंदरकांड के पाठ का आयोजन किया गया, वहीं ललित झुनझुनवाला ने बताया कि मान्यता है कि इसको पढने से व्यक्ति कभी गलत राह पर नहीं जाता. इस का पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और धन का लाभ होता है . इसके साथ ही जीवन की सभी बाधाएं भी दूर हो जाती हैं. इसका पाठ करने से मन को शांति भी मिलती है. दुसरी तरफ मंदिर के प्रमुख पुजारी विजय पांडे ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के रामायण में कुल सात अध्याय हैं जिनमे से पांचवें कांड का नाम सुन्दकांड है. यह मुख्य रूप से भगवान राम के भक्त हनुमान पर आधारित है. सुन्दरकाण्ड का शाब्दिक अर्थ है – सौन्दर्य की पुस्तक. जिसमें पूरी रामायण की सभ्यता दर्शायी गई है, तथा भगवान राम और राक्षस रावण के बीच का संघर्ष का दर्शन होता है.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

 रेड लाइट एरिया लच्छीपुर में अय्याशी पड़ी भारी, मारपीट कर रुपये छीनने का आरोप
 पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की महासभा को लेकर उठा विवाद: आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर
 रानीगंज में किन्नरों का प्रदर्शन कर सड़क अवरोध किया, एक व्यक्ति पर मारपीट और छीनाझपटी का आरोप
 रानीगंज पुलिस ने मंगलपुर स्तिथ होटल से 10 लाख रुपयों सहित 7 जुआरियों को गिरफ्तार किया
 रानीगंज के व्यापारी युवक के अपहरण का ड्रामा, पति स्वयं भाग गया था घर से
 प्रयागराज महाकुंभ भगदड़: जामुड़िया के 42 वर्षीय बिनोद रूईदास का शव लेकर पहुंची यूपी पुलिस
 रानीगंज में फाल्गुन एकादशी पर भव्य श्री श्याम निशान यात्रा, हजारों भक्तों ने लगाई हाजिरी,गूंज उठा जय श्री श्याम से
 गोपाष्टमी के अवसर पर रानीगंज में विशाल शोभायात्रा और मेला: गौशाला ने जारी किया डिजिटल स्मारिका
 रानीगंज की बदहाल सड़कों का कायाकल्प शुरू, लोगों में खुशी की लहर,शहर के 4 रास्तों की होगी पक्कीकरण
 रानीगंज के श्री श्री सीताराम मंदिर में उमड़ा भक्ति का सैलाब, लड्डू गोपाल संग खेली गई मनमोहक फूलों की होली