रानीगंज-ईसीएल के कुनुस्तारिया क्षेत्र में बांसडा कोलियरी के सी पिट खदान के सामने ग्रामीणों ने दो घंटे से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगभग 10-12 वर्षों से ईसीएल ने उनके क्षेत्र की कृषि योग्य भूमि का उपयोग करके विशाल क्षेत्र को दलदल में बदल दिया और उनकी कृषि योग्य भूमि को अनुपयोगी बना दिया. इनका कहना है कि करीब 50 एकड जमीन को बर्बाद कर दिया गया है। गाँव वालों ने कोयला खदान के मुहाने पर विरोध प्रदर्शन किया, कोयला खदान का उत्पादन बंद कर दिया, खदान के मजदूरों को कोयला खदान में जाने से रोका और वे अपनी मांग पर अड़े रहे. जब उन्होंने काफी देर तक कोयला खनन एजेंट को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया तो स्थिति को संभालने के लिए पंजाबी मोड़ फांड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया. उस आश्वासन के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. इसके बाद स्थिति जटिल होने पर ईसीएल के कुनस्तोरिया क्षेत्र के एजीएम जगन्नाथ घोष मौके पर पहुंचे. वह आज प्रदर्शनकारियों के पास आये और उन्हें बताया कि उन्होंने घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली है और उन्हें सात दिनों के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया और उनका विरोध हटाया. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर 7 दिनों के अंदर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे भविष्य में बड़ा आंदोलन करेंगे। इस बारे में स्थानीय निवासी मधुसूदन चक्रवर्ती ने कहा कि गांव वालों का करीब 70 एकड़ जमीन पानी के नीचे चला गया है जिस वजह से वह लोग खेती भी नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह जमीन खेती योग्य जमीन है और पानी के नीचे चले जाने से उनका काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है .बार-बार प्रबंधन से कहने के बावजूद भी जब कोई फायदा नहीं हुआ तो आखिरकार आज मजबूरी में उनको यह प्रदर्शन करना पड़ा .उन्होंने कहा कि असिस्टेंट जनरल मैनेजर ने उनकी बातों को सुना और आश्वासन दिया कि अगले शुक्रवार तक इससे समस्या का कोई समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी उन्होंने साफ कहा कि अगर अगले शुक्रवार तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव वाले फिर से आंदोलन करेंगे.










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