जामुड़िया-16 सूत्री मांगों को लेकर जामुड़िया माकपा एरिया वेस्ट कमिटी की ओर से विरोध प्रदर्शन कर बोरो चैयरमेन को ज्ञापन सौंपा गया. इसे पहले जामुड़िया सिद्धू कानु मुर्ती के पास एक रैली निकाली गई. यह रैली बाजार सिनेमा मोड़ एवं दामोदरपुर होते हुए बोरो कार्यलय पहुंची जहां जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. इस मौके पर तापस कवि, सुमित कवि ,कलीमुद्दीन अंसारी ,संजय चटर्जी, बादल कर्मकार ,सुभाषिष मंडल ,उज्जवल चटर्जी, बुद्धदेव रजक, दिलीप बाउरी, भरत पासवान के आलावा अन्य माकपा समर्थक उपस्थित थे .इसके बारे में जानकारी देते तापस कवि ने कहा कि 16 सूत्री मांगों के समर्थन में यह आंदोलन किया जा रहा है. उन्होंने दुःख प्रकट हुए कहा कि बोरो चेयरमैन के पिता का देहांत हो गया है, कल ही उनसे बात हुई थी ,उन्होंने बोरो चेयरमैन से अनुरोध किया था कि अपने किसी वरिष्ठ अभियंता को यहां पर रखें ताकि उनको ज्ञापन सौंपा जा सके. उन्होंने कहा कि आज इस क्षेत्र की हालत वामफ्रंट के जमाने के मुकाबले बेहद खराब हो चुकी है ,यहां पर आज लोगों को नागरिक सेवा नहीं मिल रही है .उन्होंने कहा कि वामफ्रंट के जमाने में एक गेस्ट हाउस बनाया गया था ,जिसकी हालत आज जर्जर हो चुकी है. नजरुल शतवार्षिकी भवन की हालत भी बेहद खराब हो चुकी है. यह भवन भी कभी भी टूट कर गिर सकता है .आप्पायन मैरिज हॉल की हालत भी खराब है. यह वह सारे भवन हैं, जहां से नगर निगम को राजस्व मिलता है, लेकिन इनकी देखरेख नहीं की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथियों ने जिन सरकारी जमीनों पर विभिन्न परियोजनाएं खड़ी की थी ,विभिन्न भवन बनाए गए थे. आज उन सरकारी जमीनों पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की मदद से जमीन माफियाओं द्वारा कब्जा किया जा रहा है .उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे धांधली में ईसीएल के कुछ अधिकारियों का भी हाथ है. जिन लोगों पर इन सब चीजों को रोकने की जिम्मेदारी है .वह रक्षक ही भक्षक बन गए हैं .टैक्स इतना बढ़ा दिया गया है कि लोग अब टैक्स दे नहीं रहे हैं .वामपंथियों के जमाने में जहां ₹5000 टैक्स लिए जाते थे वहीं अब ₹25000 लिए जा रहे हैं, जिस वजह से बहुत से लोगों ने टैक्स जमा करना बंद कर दिया है, जिस वजह से नगर निगम को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि जब इस कार्यालय में लोग अपने काम से आते हैं उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, जिससे लोगों को नागरिक सुविधा नहीं मिल रही है. उन्होंने साफ कहा कि अगर मेयर खुद नहीं आए और उन्होंने इन बातों पर गौर नहीं किया तो इनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.










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