रानीगंज-रानीगंज के आनंदलोक अस्पताल में 33 वर्षीय नूरजहां खातून नामक एक महिला शनिवार की सुबह गॉलब्लैडर में स्टोन की शिकायत की वजह से भर्ती किया गया था, उनका ऑपरेशन होने वाला था ,लेकिन आपरेशन के पूर्व एनेस्थीसिया देते ही उनकी मौत हो गई .इस बारे में आसनसोल सरकारी कुँवा इलाके के रहने वाले उनके पति ईबरार अहमद का आरोप है कि चिकित्सा में लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हुई है. उन्होंने बताया कि उनके पास स्वास्थ्य साथी कार्ड रहने के बावजूद उनसे पैसे लिए गए. उन्होंने कहा कि उन्होंने चिकित्सक डॉक्टर जेके साव को ₹13500 से और उनके असिस्टेंट पांडे जी को ₹10000 और एक बार ₹5000 नगद दिया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की तरफ से उनकी पत्नी के शारीरिक स्थिति को लेकर कोई भी स्पष्ट बात नहीं कहीं जा रही थी. आज सुबह ही उनको भर्ती किया गया और उनका ऑपरेशन थिएटर ले जाया जा रहा था अचानक उन्होंने देखा कि अस्पताल के कर्मचारी इधर-उधर भाग दौड़ कर रहे हैं, तब उनको संदेह हुआ और उन्होंने पता लगाने की कोशिश की तब पता लगा कि उनकी पत्नी की मौत हो गई है .उन्होंने आरोप लगाया कि आनंदलोक अस्पताल में चिकित्सा की लापरवाही की वजह से उनकी पत्नी की मौत हुई है और उन्होंने अस्पताल और चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की,चिकित्सक के गिरफ्तारी और अस्पताल के बन्द करने की मांग किया. हालांकि इस बारे में डॉक्टर जे के साह ने कहा कि चिकित्सा में कोई लापरवाही नहीं हुई है .मरीज को आज ही गॉलब्लैडर स्टोन के इलाज के लिए भर्ती किया गया था उनका ऑपरेशन होने वाला था लेकिन ऑपरेशन से पहले ही एनेस्थीसिया देते ही दवा के संभवत रिएक्शन से उनकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि अक्सर किसी-किसी मरीज पर दवा का प्रतिकूल असर होता है जिस वजह से इस तरह के घटना घटती है. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि नूरजहां खातून के इलाज में कोई लापरवाही बरती गई है .उन्होंने साफ कहा कि इलाज में लापरवाही की बात तब आते जब ऑपरेशन हुआ होता लेकिन ऑपरेशन से पहले एनेस्थीसिया देते ही मरीज की मौत हो गई इसमें इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है,रोगी के पोस्टमार्टम होने और सब स्पष्ट हो जाएगी,वहीं खबर पाकर पुलिस भी पहुंच गयी.


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