रानीगंज-सीपीआई (एम) रानीगंज एरिया कमेटी ने मंगलवार की शाम रानीगंज नेशनल हाईवे 60 पर सांप्रदायिक ताकतों द्वारा गांधीजी की हत्या के कुख्यात दिन को 'सांप्रदायिक सद्भाव दिवस' के रूप में मनाया. रानीगंज डॉल्फिन क्लब से बड़ाबाजार, पुराना हाटतला, राजा बांध चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन तक जुलूस निकाला गया. जुलूस में सबसे आगे पूर्व विधायक रुनु दत्ता, सुप्रियो रॉय, कृष्णा दासगुप्ता, हेमंत प्रभाकर तथा अन्य वामपंथी नेता मौजूद थे. जुलूस से आवाजें उठीं, धर्म के नाम पर भेदभाव बंद करो.साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखें.दिव्येंदु मुखर्जी ने जुलूस के अंत में वक्तव्य रखा. नेताओं ने कहा कि गांधी की हत्या के दिन उन्होंने सौहार्द का आह्वान किया था, आरएसएस, भाजपा धर्म के नाम पर देश को बांट रहे हैं और उनका दावा है कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस भी उनकी मदद कर रही है . इस संदर्भ में पूर्व विधायक रुनु दत्ता ने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में बेहद दुखद दिन है .आज ही के दिन सांप्रदायिकता के हाथों महात्मा गांधी को अपनी जान गंवानी पड़ी थी उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के साथ उनके राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन महात्मा गांधी सांप्रदायिक नहीं थे . आज असंप्रदायिक तख्ते देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका महात्मा गांधी ने हमेशा विरोध किया था .इसलिए आज के दिन की खास अहमियत है. महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष करने की आवश्यकता है.









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