रानीगंज-आसनसोल नगर निगम के 88 नंबर वार्ड की पार्षद नेहा साव के ऊपर ईसीएल की जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए रानीगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. इस विषय में रानीगंज बोरो के चेयरमैन मुजम्मिल शहजादा से बात की तो उन्होंने कहा कि उनको भी इस बात की जानकारी प्राप्त हुई है, उन्होंने बताया कि बीएलआरओ से पहले इस बात का पता लगाना होगा कि जिस जमीन के बारे में बात कही जा रही है वह किसकी है. वह ईसीएल की है या किसी और की क्योंकि इस बात को लेकर भी कशमकश बनी हुई है. जब तक रिकॉर्ड नहीं देखे जाते और यह स्पष्ट नहीं होता कि वह जमीन किसकी है इस बारे में साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता, हालांकि उन्होंने यह कहा कि अगर शिकायत में थोड़ी सी भी सच्चाई है तो पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी .उन्होंने कहा कि जहां तक उनको जानकारी है वहां पर नजदीक में एक खटाल है और वहां पर गोबर फेंका जाता था, जिससे गंदगी और बीमारी फैलती थी. पार्षद ने उसको साफ करने की पहल की थी हालांकि उन्होंने कहा कि वह निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते जब तक रिकॉर्ड नहीं देखा जाएगा किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. वहीं रानीगंज ब्लॉक टाउन टीएमसी अध्यक्ष रुपेश यादव ने भी कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री तथा टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने हमेशा तालाब भराई के खिलाफ आवाज उठाई है. इसलिए टीएमसी का कोई पार्षद इस तरह का काम करेगा यह हो नहीं सकता ,लेकिन अगर इस आरोप में जरा सी भी सच्चाई है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि टीएमसी कभी भी किसी भी अनैतिक काम का समर्थन नहीं करती. वहीं इस विषय में।रानीगंज भाजपा मंडल अध्यक्ष देव जीत खां ने कहा कि टीएमसी के जो नेता आज पार्षद बने बैठे हैं, वह जनता के वोट से नहीं बने हैं उन्होंने चुनाव में धांधली कर वोट लूट कर मतदान में विजय प्राप्त की थी. इस वजह से ऐसे पार्षदों से इससे ज्यादा और किसी चीज की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि उक्त पार्षद की कारगुजारियों को लेकर भाजपा की तरफ से आवाज उठाई गई थी ,उनको बहुत खुशी है कि ईसीएल द्वारा कार्रवाई की जा रही है और थाने में प्राथमिकी की दर्ज कराई गई है .उन्होंने उक्त पार्षद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की ताकि इस तरह से राष्ट्रीय संपत्ति का अतिक्रमण बंद हो .उन्होंने कहा कि टीएमसी के नेता कोयला बालू तस्करी के बाद अब जमीन माफियाओं के साथ मिलकर जमीन हथियाने में लगे हैं ताकि बड़े-बड़े फ्लैट बनाकर उनसे कमाई की जा सके. वहीं प्योर सियारसोल कोलियरी के मैनेजर महेंद्र कुमार से जब बात की तो उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में यह बात आई तो उन्होंने अपने सर्वेयर को वहां भेजा जब इस बात की पुष्टि हो गई कि वहां पर ईसीएल की जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है तो रानीगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि वह खुद घटनास्थल पर नहीं गए थे. उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी ईसीएल के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है. हालांकि यहां आपको यह बताते चलें कि राष्ट्रीय नवरत्न कंपनी कोल इंडिया के शाखा ईसीएल द्वारा रानीगंज थाने में जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, उसमें लापरवाही का एक नमूना भी देखने को मिला जहां एफआईआर कि उस कॉपी में नेहा साव की वर्णना देते हुए सन ऑफ नरसिंह साव कहा गया है. एक राष्ट्रीय कंपनी से इस तरह के लापरवाही कहीं ना कहीं हैरत में डालते हैं वहीं इस बारे में जब मीडिया कर्मियों ने नेहा साव की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार किया.

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