रानीगंज- श्री जीण सेवा समिति का 26 वां वार्षिक समारोह गुरुवार की संध्या रानीगंज के चितरंजन मार्ग स्थित कन्हैया लाल भगवान दास शराफ़ स्मृति भवन में भजन कीर्तन एवं मंगल पाठ के साथ संपन्न हुई .कार्यक्रम के प्रथम चरण में श्री जीण माता के मंगल पाठ में रानीगंज कोयलांचल- शिल्पांचल सहित झारखंड राज्य से आई 301 महिलाओं ने हिस्सा लिया. कोलकाता से पधारे अरविंद जी सहल एवं निकिता शर्मा के सानिध्य में यह मंगल पाठ संपन्न हुई. वहीं कार्यक्रम के दूसरे चरण में संध्या भजन कीर्तन का आयोजन की गई, जहां अरविंद जी निकिता शर्मा के साथ-साथ रानीगंज के भजन गायक जयराम पांडे द्वारा सुमधुर भजन की प्रस्तुति से भक्तों का मन मोह लिया गया .इस अवसर पर श्री जीण जयंती सेवा समिति के सचिव रविंद्र खेतान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान श्री जीण माता के राजस्थान स्थित राजस्थान के गोरिया स्थित मुख्यमंत्री से के पुजारी धनंजय पराशर एवं राजेश पराशर का आगमन इस धार्मिक अनुष्ठान में हुई थी, एवं उनके सानिध्य में माता जी को 51 चुनरी चढ़ाई गई .इस अवसर पर जीण माता का भव्य श्रृंगार, हवन ज्योत ,छप्पन भोग तथा भंडारे का भी आयोजन किया गया .उन्होंने कहा कि राजस्थान के गोरिया में विराजने वाली जीण माता के आशीर्वाद से भक्तों के सारे कष्टो का निवारण होता है, इस वार्षिक समारोह में रानीगंज ही नहीं बल्कि कोलकाता तक के भक्तों का आगमन होता है एवं ।माता के भक्तगण इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं. बताया जाता है कि जीण माता की मंदिर को तुड़वाने के लिए औरंगजेब ने सैनिक भेजे थे,पर देवी की महिमा अपरम्पार है .उन्होंने मधुमक्खियों के रूप में आकर सैनिकों पर हमला बोल कर मंदिर की रक्षा थी. ऐसा होते देख गांव वालो की माता के प्रति श्रद्धा और बढ़ गयी और औरंगजेब अपने उद्देश्य में असफल हो गया. एक बार जब औरंगजेब बीमार पड़ा तो उस समय उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और जीण माता के मंदिर में हर महीने सवा मन तेल चढ़ाने का वचन दिया,जब उसने माफी मांगी तो माता ने उसे माफ कर दिया. उसी दिन से मुगल बादशाह को भी माता के प्रति श्रद्धा बढ़ गई, मंदिर में जीण माता के दर्शन करने लोग देश विदेश से लोग आते है.











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