रानीगंज--रानीगंज शहर को पुनः महकमा का दर्जा प्रदान करने एवं शहर से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर रानीगंज सिटीजन्स फोरम
28 दिसंबर को रानीगंज बोरो दो कार्यालय के सामने तथा 18 जनवरी को पश्चिम वर्धमान जिला शासक दफ्तर के सामने शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन करेगी.यह बातें बुधवार की सन्ध्या रानीगंज सिटीजन्स फोरम तथा रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स के संयूक्त तत्वावधान में की गई बैठक के दौरान रानीगंज सिटीजन्स फोरम के कार्यकारी अध्यक्ष गौतम घटक ने कहा.उन्होंने कहा कि एक बार फिर से प्रशासन के सामने रानीगंज के लोग अपने इस बहुत पुरानी मांग को रख सकेगें . श्री घटक ने इस धरना प्रदर्शन में रानीगंज के अधिकांश लोगों को जुड़ने के लिए आह्वान किया. उन्होंने कहा कि रानीगंज में विकास की बहुत गुंजाइश है. यहां पर एक अच्छे बस स्टैंड, ऑडिटोरियम आदि की आवश्यकता है. इसके साथ ही उन्होंने राम बागान इलाके का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पर दिन में सिर्फ एक बार पीने का पानी दिया जाता है जबकि रानीगंज के विभिन्न हिस्सों में दो बार पानी आता है. इतना ही नहीं वहां पर कोई व्यवस्थित मार्केट नहीं है, जिस वजह से लोग सड़कों के किनारे बैठकर फल सब्जी,मछली आदि बेचते हैं ,जिस वजह से उसे इलाके में भारी जाम लगता है उन्होंने कहा कि विकास के मामले में रानीगंजवासीयों को एकजुट होना पड़ेगा तभी इस शहर का सही मायनों में विकास होगा.
गौतम घटक ने कहा कि रानीगंज सिटीजंस फोरम की तरफ से रानीगंज को सब डिवीजन बनाए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जाती रही है. इस मांग को न सिर्फ स्थानीय प्रशासन के स्तर पर बल्कि मुख्यमंत्री तक यह मांग रखी गई है. उन्होंने कहा कि सभी रानीगंज सिटीजंस फोरम के इस मांग के साथ सहमति तो जताते हैं लेकिन इस मांग को अमली जामा पहनाने के लिए जो प्रशासनिक पहल की आवश्यकता होती है वह देखी नहीं जा रही है.
रानीगंज चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष अरुण भारतीया ने कहा कि रानीगंज का अगर सही तरीके से विकास करना है ,तो रानीगंज के लोगों को आगे आना होगा .एकजुट होकर रानीगंज के विकास को लेकर अपनी आवाज को प्रशासन के कानों तक पहुंचाना होगा. उन्होंने कहा कि जब रानीगंज नगर पालिका को आसनसोल नगर निगम के साथ विलय किया जा रहा था, तब उसके विरोध में खुद उन्होंने खड़े होकर कई लाख पर्चियां बांटी थी, जिन में रानीगंज नगर पालिका का आसनसोल नगर निगम में विलय का विरोध किया गया था ,लेकिन तब रानीगंज के लोगों ने उसे मुहिम का साथ नहीं दिया और रानीगंज आसनसोल नगर निगम का हिस्सा बन गया .आज जब रानीगंज के लोगों को नागरिक सुविधा मिलने में असुविधा हो रही है तब लोगों को लग रहा है कि उसे वक्त अगर इस मुहिम का साथ दिया गया होता तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती . उन्होंने रानीगंज को एक बार फिर से सब डिवीजन का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि रानीगंज को सबडिवीजन बनाए जाने से यहां पर विकास में गति आएगी. रानीगंज सिटीजंस फोरम लंबे समय से रानीगंज को फिर से सब डिवीजन का दर्जा दिए जाने की मांग करता रहा है .उन्होंने सभी रानीगंज वासियों से इस मुहिम से जुड़ने के लिए 28 दिसंबर तथा 18 जनवरी को रानीगंज के लोगों से इस आंदोलन से जुड़ने का अनुरोध किया. अरुण भारतीया ने कहा कि शहर के विकास का मतलब यहां के व्यापार को बंद करवा देना नहीं होता. एक ऐसा रास्ता निकालना होगा कि रानीगंज में विकास भी हो और व्यापार भी बदस्तूर जारी रहे.
इस बैठक में रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सचिव मनोज केशरी,रानीगंज जेवलेरी एसोसिएशन की और से प्रदीप नन्दी,बलराम दे तथा विभिन्न संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि तथा नागरिक गण उपस्थित थे.



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