जामुड़िया-ईसीएल के सातग्राम क्षेत्र के सातग्राम परियोजना स्थित कोयला खदान में आग लगने की घटना से श्रमिको में दहशत मच गयी . कोयला खदान के श्रमिकों ने खदान के लगभग 800 फीट गहरे सुरंग में परित्यक्त कोयला खदान के अंदर इस आग को देखा.
कोयला क्षमिकों ने बताया कि बन्द पड़े सेक्शन में 8 नंबर डीप 6 नंबर लेवल में कार्य करने के दौरान धुआं निकलते देखा गया. उस समय लगभग 160 श्रमिक अंडर ग्राउंड में कार्य कर रहे थे,सभी को आनन -फानन में बाहर निकाल लिया गया. ईसीएल अधिकारीयों द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई.इस बारे में इस कोलियरी के सीडीएस विभाग के कर्मी राजू माझी ने बताया कि उन्होंने आग की लपटें तो नहीं देखा लेकिन धुएं की बदबू उनको मिली है .फिलहाल प्रबन्धन द्वारा आइसोलेटेड का कार्य किया जा रहा है.
स्थानीय कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस के सचिव अशरफ काजी ने बताया कि बुधवार की रात लगभग 9 बजे अचानक बन्द पड़े सेक्शन से धुंआ निकलने की खबर पाकर सातग्राम एरिया के महाप्रबंधक उपेंद्र सिंह सह अन्य अधिकारी खदान के अंदर पहुँच कर स्तिथि का अवलोकन किया. खदान के अंदर कहीं फालेन कोल में आग लगी है,जिससे यह धुंवा निकल रही है,यह एक स्वाभाविक क्रिया है,की जमा कोयला आक्सीजन के सम्पर्क में आने से आग लग जाती है,रेस्क्यू की टीम आई है,खदान को फिलहाल बन्द कर दिया गया है,एवं आग वाले स्थान को स्टॉपिंग की जा रही है,चिंता की कोई बात नहीं है. रेत और ईंटों और सीमेंट से स्टॉपिंग किया जा रहा है ताकि आग को बढ़ने से रोकने की व्यवस्था की जा सके और ऑक्सीजन उस क्षेत्र तक न पहुंच सके .
दूसरी और सीटू से सम्बद्ध भारत की कोलियरी मजदूर सभा (सीएमएसआई) के महासचिव वंश गोपाल चौधरी ने कहा कि ईसीएल के सातग्राम एरिया के महाप्रबंधक के लापरवाही के कारण ही इस तरह की घटना घटी है. श्रमिकों के सुरक्षा के साथ में खिलवाड़ किया जा रहा है. श्रमिकों को ना तो जूता दी जा रही है ना ही अन्य सुरक्षा सामग्री. इस घटना की जांच के लिए डीडीजीएमएस को सीटू द्वारा पत्र देकर डीजीएमएस के द्वारा किए जा रहे रिपोर्ट की जांच की मांग की जाएगी . की कहीं डीजीएमएस तो इसमें कोई घपला नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रबंधन इस तरह के लापरवाही कर खदान को बंद करने की साजिश रच रही है जिसे कभी सीटू बर्दाश्त नहीं करेगी एवं आंदोलन करेगी.
बता दें कि वर्षो पहले ईसीएल के कुनुस्टोरिया एरिया अंतर्गत कुनुस्तोरिया कोलियरी के खदान में आग देखने को मिला था, उस वक्त कोयला खदान के अंदर आग इस कदर भड़की थी कि कोयला खदान को कई दिनों तक बंद करना पड़ा था,हालाँकि, उस समय, खदान अधिकारियों ने तरल नाइट्रोजन का छिड़काव करके कोयला खदान को बचाने की कार्रवाई की. दूसरी और इस मामले में सातग्राम एरिया के महाप्रबंधक उपेंद्र सिंह ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया.










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