रानीगंज-रानीगंज थाना क्षेत्र के निमचा पुलिस ने एक माह के भीतर घर से लापता दो किशोरियों को वापस लेकर उसके परिजनों को सौंपा.
पुलिस सूत्रों के अनुसार मंगलवार को निमचा फांडी अंचल के तेतुलि पाड़ा के रहने वाले एक 14 वर्षीय अष्ठम श्रेणी की आदिवासी छात्रा ने मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर अपनी बहन से झगड़े के कारण घर में किसी को बताए बिना मोबाइल फोन लेकर अपनी सहेली के घर भाग गई. मोबाइल फोन लगातार बंद होने के कारण घर वालों को लड़की का कोई पता नहीं चला तो परेशान हो उन्होंने रानीगंज थाना के निमचा चौकी पुलिस से संपर्क किया. वहीं इस घटना की खबर मिलते ही पुलिस ने तुरंत रात से ही मोबाइल टावर की आखिरी लोकेशन देखी और काफी खोजबीन की और पड़ोसी गांव तीराट अंचल से मोबाइल टावर की लोकेशन ली और छात्रा को बरामद किया, बाद में गुरुवार को छात्रा को उसके परिजनों को सौंप दिया गया. इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से लेकर छात्रा को दो मोबाइल दिए ,एवं उसे अच्छे से पढ़ाई करने की सलाह दी, इसके साथ ही पुलिस ने उसके परिवार के सदस्यों को नई साड़ी, कपड़े दिए और विजया की शुभकामनाएं दीं. ज्ञात हो कि उक्त छात्रा ने घर छोड़कर अपनी एक सहेली के घर पर शरण ली थी और अपने साथ लाए मोबाइल फोन को ऑन-ऑफ करती थी, इसलिए छात्रा कहां है, इसे लेकर हर कोई चिंतित था. यह खबर सुनते ही उसके दूर दराज के रिश्तेदार भी छात्रा को ढूंढने के लिए दौड़ पड़े,बाद में पुलिस ने छात्रा को बरामद की कार्रवाई किया तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा. उन्होंने पुलिस को धन्यवाद दिया. मालूम हो कि इसके पहले भी नवमी के दिन दुर्गा पूजा के दौरान रानीगंज के निमचा पुलिस चौकी क्षेत्र के रोटीबाटी इलाके के एक नाबालिग किशोरी के लापता होने से हड़कंप मच गया था. उस समय, लड़की के परिवार के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन से संपर्क किया और शिकायत की कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया है,बाद में, पुलिस ने लड़की को दक्षिण 24 परगना के एक दूरदराज के गांव काकद्वीप से बरामद किया और उसे उसके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया. . वही इस घटना के सामने आने से आदिवासी इलाके के लोगों में खुशी देखी गई क्योंकि पुलिस ने त्वरित कार्यवाही कर लापता छात्रा को ढूंढ निकाला. पुलिस की ओर से आदिवासी लड़की के परिजनों को मुंह मीठा कराया गया और लड़की को न डांटने की सलाह दी गई.













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