जामुड़िया-सोमवार को अवसर प्राप्त श्रमिक संगठन की और से जामुड़िया के शिवपुर पावर हाउस के सामने धरना प्रदर्शन किया गया. इस बारे में माकपा नेता तापस कवि ने कहा कि इस कंपनी में 2011 से पहले सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों के संतानों को नौकरी दी जाती थी, लेकिन उसके बाद से सेवानिवृत होने वाले कर्मचारी की संतान को नौकरी देना बंद कर दिया गया .उन्होंने सवाल किया कि ऐसा किसके कहने पर किया गया है .प्रबंधन इसका जवाब दें .उन्होंने कहा कि एक बार अगर कोई इस कंपनी से सेवानिवृत हो गया तो उसकी कोई जिम्मेदारी प्रबंधन नहीं लेता. उन्होंने कहा कि कई बार इस बारे में प्रबंधन से बातचीत की गई है कई बार चिट्ठियां लिखी गई है लेकिन प्रबंधन की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि जनवरी से लेकर सितंबर माह तक करीब चार बार प्रबंधन को इस मुद्दे पर चिट्ठियां लिखी गई है ,लेकिन प्रबंधन ने इस पर कोई कार्रवाई तो की ही नहीं उल्टा उन्होंने यह जवाब दिया कि इस तरह की चिट्ठियां प्रबंधन को ना लिखी जाए या इस तरह का धरना प्रदर्शन ना किया जाए. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में धरना प्रदर्शन करना और अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से विरोध के जरिए प्रबंधन तक पहुंचना हर नागरिक का अधिकार है. यहां का प्रबंधन क्या नागरिकों को इस अधिकार से भी वंचित करना चाहता है .उन्होंने कहा कि यहां के सेवानिवृत कर्मचारी की जिम्मेदारी प्रबंधन को लेनी होगी और यहां से सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों के संतानों को नौकरियां देनी होंगे .उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के समय इस पावर कंपनी में ऐसा किसी तरह का विरोध नहीं करना चाहते जिससे लोगों को परेशानी हो, लेकिन अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो दुर्गा पूजा के बाद बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा. इस मौके पर सुखबिंदर सिंह ,मंजुर आलम ,अशोक रूईदास ,खालीद अख्तर ,सुधन रुइदास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.


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