रानीगंज-शुक्रवार को बहु प्रतीक्षित फ़िल्म मिशन रानीगंज रिलीज हुई.पूरे देश के साथ-साथ रानीगंज में भी मिशन रानीगंज फिल्म अंजना सिनेमा हॉल में लगी. आसनसोल चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी तथा शहर के कुछ गणमान्य लोगों के लिए सुबह 9:00 बजे इसका प्रीमीयर शो रखा गया था,जहां फर्स्ट शो में 112 लोगो ने इस फ़िल्म को देख कर अपनी- अपनी रिव्यु दिया .इस फिल्म को देखकर निकले लोगों ने इस फिल्म की भूरि भूरि प्रशंसा की. आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी दिव्येंदु भगत भी इसका पहला शो देखने पहुंचे थे, फिल्म देखकर जब वह निकले तो उन्होंने इस फिल्म की बहुत तारीफ की उन्होंने कहा कि इस फिल्म में सच्चाई को दिखाया गया है जिस तरह से 1989 में रानीगंज में एक भयानक हादसा हुआ था और चीफ माइनिंग इंजीनियर जसवंत सिंह गिल द्वारा 65 लोगों की जान बचाई गई थी उसे इस फिल्म में चित्रित किया गया है. उन्होंने कहा कि रानीगंज के इस हादसे के बारे में यहां के लोगों को तो पता था लेकिन अब इसके बारे में पूरी दुनिया जानेगी और जिस तरह से फिल्म के अभिनेता अभिनेत्री तथा इस फिल्म से जुड़े निर्माता निर्देशकों ने उस हादसे को पर्दे पर उतारा है उससे यूं लगता है कि मानो यह कल की ही बात है . फेडरेशन ऑफ़ साउथ बेंगल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद खेतान ने फिल्म को देखकर प्रसन्नता भरे स्वर में कहा की फिल्म को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो मैं स्वयं 1989 की महावीर कोलियरी की खान दुर्घटना में पहुंच गया था, एवं विशेष कर की माइनिंग इंजीनियर जसवंत सिंह गिल के कार्य को देखकर मैं थ्रिल (रोमांचित) हो गया था. रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अरुण भरतीया भी इस फिल्म का पहला शो देखने पहुंचे उन्होंने भी इस फिल्म को देखकर इस फिल्म के निर्माता निर्देशकों,पटकथा लेखक, अभिनेता अक्षय कुमार की तारीफ की .उन्होंने कहा कि जिस तरह से 1989 की घटना को पर्दे पर उतारा गया है ऐसा लग रहा था कि मानो हम टाइम मशीन में चढ़कर 1989 में पहुंच चुके हैं उन्होंने कहा कि इस फिल्म के जरिए 1989 के उसे भयावह हादसे को पर्दे पर जिस गंभीरता के साथ उतारा गया है वह काबिले तारीफ है उन्होंने कहा कि दूसरे लोगों के बारे में तो उनको पता नहीं लेकिन कोयलांचल के लोगों के लिए यह फिल्म सुपर डुपर हिट है .वही इस फिल्म को देखकर निकली एक महिला ने भी इस फिल्म की तारीफ की और कहा कि जिस संजीदगी के साथ 1989 कि उस घटना को फिल्म में दिखाया गया है उससे आज की पीढ़ी को भी इस फिल्म के जरिए उस दिन की घटनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त होगी. उन्होंने भी इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों की तारीफ की . वहीं आज इस फिल्म को पहली बार रानीगंज में जिस अंजना सिनेमा हॉल में दिखाया गया उस अंजना सिनेमा हॉल के मालिक रवींद्रनाथ साव से जब हमने बात की तो वह इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित दिखे उन्होंने खुद और हाल के सभी कर्मचारियों को मिशन रानीगंज का टी शर्ट पहनाया था ताकि इस फिल्म को लेकर एक अलग माहौल बन सके. उन्होंने कहा कि वह इस व्यवसाय से 50 वर्षों से भी ज्यादा समय से जुड़े हुए हैं और इस फिल्म को लेकर लोगों में जो उत्साह दिख रहा है वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि 1989 में जब वह घटना हुई थी उस घटना के वह प्रत्यक्षदर्शी थे और जिस तरह से जसवंत सिंह गिल ने अपनी जान की बाजी लगाकर 65 लोगों को खदान के नीचे से निकला था उस घटना की यादें आज भी उनके दिमाग में ताजा है. उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी इस फिल्म को देखेगी तो उनको पता चलेगा की खदान के नीचे जाने वाले कर्मी कितनी मुश्किलों से काम करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा की फिल्म को लेकर जिस तरह का उत्साह लोगों में देखा जा रहा है इससे एक बात साबित होती है कि अगर फिल्म की कहानी अच्छी हो विषय वस्तु अच्छा हो तो लोग जरूर फिल्मों को देखने हाल तक आएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ-साथ लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी आज मल्टीप्लेक्स का जमाना है इसीलिए उन्होंने अपने हाल में भी तीन पर्दे लगाए हैं दूसरी तरफ रानीगंज के विशिष्ट उद्योगपति रोहित खेतान भी आज इस फिल्म को देखने पहुंचे उन्होंने भी इस फिल्म की तारीफ की और कहा कि जिस तरह से 1989 की घटनाओं को फिल्म के जरिए दिखाया गया है वह काबिले तारीफ है उन्होंने इस फिल्म की कहानी को विषम परिस्थितियों पर इंसानी हौसले की विजय के रूप में करार दिया.












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