रानीगंज- ठीक एक महीने बाद शादी का दिन था, और इसलिए रानीगंज के रोनाई इलाके के मंडलपाड़ा की रहने वाली 28 वर्षीय शम्सुर नेहर खातून शादी से पहले अपनी बीमार माँ का इलाज करना चाहती थी ,लेकिन उसकी आखिरी इच्छा पूरी नहीं हुई .तेज गति से आ रही एक वाहन की चपेट से उसने किसी तरह से अपनी मां को बचा लिया, लेकिन शमसुर नेहार की मौत हो गयी.घटना के संबंध में पता चला है कि शमसुर नेहार उनकी मां को स्वस्थ करने के लिए रोजाना सुबह नियमित सैर पर निकलती थी. शनिवार को वे सुबह की सैर पर निकली थी, और मां अमलीमा बीबी ने सोचा भी नहीं होगा कि यह सुबह की सैर उस्की बेटी लिए काल बन जाएगी. अन्य दिनों की तरह सुबह करीब 6:30 बजे मां-बेटी रानीगंज के मंगलपुर में मॉर्निंग वॉक कर घर लौट रही थीं, उसी वक्त अचानक. मंगलपुर की ओर से आ रही एक ऑल्टो कार,न जो जामुड़िया के परसिया से शादी घर से कई यात्रियों को लेकर रानीगंज स्टेशन जा रही थी, तेज रफ्तार इस कार के चालक ने नियंत्रण खो दिया और माँ बेटी की तरफ जाने लगी, मगर पुत्री किसी तरह अपनी मां को बचाने के लिए धक्का दे दिया, पर वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई. सुबह मामले की जानकारी हुई तो सभी हैरान रह गए. घटना रानीगंज के रोनाई इलाके में बिनय चौधरी मेमोरियल हॉस्पिटल के सामने घटी. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े. यह खबर रानीगंज थाने के पंजाबी मोड़ पुलिस चौकी को दी गयी. पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल शमसुर नेहार को आसनसोल जिला अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना में उसकी मां असलिमा बीबी के पैर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनका पैर टूट जाने की बात कही जा रही है.
अचानक हुई इस घटना से हर कोई हैरान है. इस हादसे से घर के सभी सदस्य अवाक हैं. उनकी मां फूट-फूट कर रोने लगीं.पूरा परिवार प्रशासन द्वारा दोषी चालक को सजा देने की मांग किया. उधर, इस घटना के बाद कार में सवार अन्य सभी यात्रियों को पुलिस ने रानीगंज स्टेशन पर छोड़ दिया, लेकिन कार का ड्राइवर घटना के बाद से फरार है. पुलिस ने दुर्घटना करने वाली कार को जब्त कर लिया है.

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