रानीगंज- विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर रानीगंज के नेताजी मूर्ति के सामने रानीगंज शरणय्या के तरफ से पर्यावरण की रक्षा को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक के इस्तेमाल से पर्यावरण पर होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में लोगो को जानकारी दी गयी. किस तरह से प्लास्टिक के इस्तेमाल को पूरी तरह से रोका जाए इस पर विचार विमर्श भी हुआ, इसके साथ ही इस पृथ्वी को बचाने के लिए पेड़ लगाने की जरूरत पर भी चर्चा हुई .यहां रानीगंज शरण्या के सचिव जुथिका बनर्जी, एसीपी सेंट्रल दो श्रीमंत बनर्जी, ट्रैफिक ओसी चित्ततोष मंडल ,पार्षद आलोक बॉस के अलावा गांधी मेमोरियल हाई स्कूल के छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे. इस संदर्भ में जुथिका बनर्जी ने कहा कि 2018 में भारत में पर्यावरण दिवस के मौके पर एक विश्वव्यापी सेमिनार का आयोजन किया गया था जिसमें प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया गया था लेकिन यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि 5 साल बीत जाने के बावजूद भारत में भी अभी तक प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सका है .उन्होंने कहा कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक है और जब तक इसका प्रयोग पूरी तरह से बंद नहीं होता हमारी यह पृथ्वी सुरक्षित नहीं रह सकती. उन्होंने अपील की कि प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल ना करके कागज के या जुट के बैग का इस्तेमाल करें, जिससे पर्यावरण पर दुष्प्रभाव ना पड़े और लोगों को रोजगार भी मिले. उन्होंने कहा कि यहां पर एक मूर्ति का भी निर्माण किया गया है जिससे कि नई पीढ़ी को यह संदेश दिया जा सके कि प्लास्टिक हमारी धरती को निगल रही है और अगर अभी इसके उपयोग को रोका नहीं गया तो बहुत जल्द हमारी धरती खत्म हो जाएगी . इस कार्यक्रम में रानीगंज के अन्य स्वयंसेवी संस्थाएं भी शामिल हुई.



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