रानीगंज-लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष सामाजिक संगठन आवाज की तरफ से रानीगंज के कोयला भवन में एक संवाददाता सम्मेलन किया गया इस संवाददाता सम्मेलन में संगठन के राज्य अध्यक्ष सईदुल हक जिला अध्यक्ष इफ्तिखार नायर सचिव नोमान अशफर ने संवाददाताओं को संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सिविल सर्विस की परीक्षा में हिंदी और उर्दू को हटा दिया गया है और बांग्ला में 300 अंक का प्रश्न पत्र उत्तीर्ण करना जरूरी बना दिया गया है . ऐसा करने से हिंदी और उर्दू के बच्चों को काफी परेशानी होगी, क्योंकि वह शुरुआत से बांग्ला नहीं पढ़ते, इस वजह से आवाज से जुड़े पदाधिकारियों ने मांग की कि तुरंत राज्य सरकार द्वारा 2 मई को लिए गए फैसले को रद्द किया जाए और पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस परीक्षा में जैसे पहले हिंदी और उर्दू में परीक्षा ली जाती थी उसे पुनः बहाल किया जाए
ज्ञात हो कि कि यह संगठन भाषागत अल्पसंख्यक वर्ग के लिए काम करता है. संगठन के पदाधिकारियों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि आलिया विश्वविद्यालय को खत्म करने की साजिश रची जा रही है .यहां के वाइस चांसलर को हटाकर एक साधारण मदरसे के शिक्षक को वाइस चांसलर के तौर पर काम करवाया जा रहा है. विश्वविद्यालय का नैक द्वारा मूल्यांकन भी नहीं किया जा रहा है. इसके साथ ही प्रदेश में जो हिंदी और उर्दू कॉलेज है वहां बांग्ला शिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी. आवाज नामक संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति राज्य सरकार के कुछ लोगों द्वारा बेची जा रही है, जबकि यह संस्था मुस्लिम समुदाय के लिए गर्व का विषय है.


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