रानीगंज- रथयात्रा के दिन सियारसोल गांव के कोल्कुली मोहल्ले में एक दिहाड़ी मजदूर के परिवार के घर में बीती रात मोमबत्ती की आग जो जली थी वह फैल गयी और दिहाड़ी मजदूर के घर का सारा सामान जलकर राख हो गया. मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने स्थानीय लोगों की मदद से एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि इसी बीच उस दिहाड़ी मजदूर परिवार के घर का सारा सामान जलकर स्वाहा हो गया.घटना के सन्दर्भ में ज्ञात हुआ है कि संताना बाउरी अपने बीमार पति और अपनी पुत्री के भरण पोषण के लिए लोगों के घरों में नौकरानी का काम कर गृहस्थी चलाती है और थोड़ा-थोड़ा पैसा जिद करके उनके इलाज के लिए दस हजार रुपए जमा भी की थी. घर में भारी आर्थिक तंगी के कारण बिजली के बकाया बिलों के कारण बिजली का कनेक्शन काट दिया गया था,इसलिए उस गरीब परिवार का रात मोमबत्ती जलाकर बीतता था,हालांकि यह कोई नहीं जानता था कि इस मोमबत्ती की आग उस परिवार की परेशानी बन जाएगी, पिछले कुछ दिनों की तरह रथयात्रा के दिन भी सांतना अपने बीमार पति को घर पर छोड़कर पड़ोस के घर गई थी,उस समय रात के करीब बारह बजे अचानक शोर सुनकर वह भी घर से निकल गयी और इसी बीच वह यह देखकर हैरान रह गया कि उसके घर में आग लगी हुई है. हालांकि उसका पति किसी तरह घर से बाहर आ गया, लेकिन पति ) के इलाज के लिए रखे दस हजार रुपये सहित घर के कीमती दस्तावेज पूरी तरह से नष्ट हो गये. इस घटना से वह पुरी तरह से टूट गई.किसी तरह लोगों के घरों में काम करने वाली और घर को चलाने वाली महिला जली सामग्री को देखकर बिलखने लगी. हालांकि, स्थानीय लोगों ने आग की लपटों को देखा और आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े. इसकी सूचना रानीगंज थाना पंजाबी मोड़ पुलिस चौकी को दी गई, वहां से रानीगंज फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, घटना की सूचना मिलते ही दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया. हालांकि इस दौरान घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया. अचानक हुई इस घटना से महिला अवाक रह गई है.


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