जामुड़िया : पश्चिम बंगाल पेंसनर्स एसोसिएशन के पश्चिम बर्दवान जिला कमेटी के तरफ से बुधवार को जामुड़िया के थानामोड़ स्थित डाक घर में पावर हाउस जो पहले डिसरगड़ पावर सप्लाई था अभी वर्तमान समय में इंडिया पावर के नाम से जाना जाता है उनके 54 कर्मचारियों द्वारा पेंशन बढाने की मांग को लेकर पोस्ट बॉक्स में चिट्ठी डालकर उस चिट्ठी को प्रधानमंत्री को भेजा गया .इस मौके पर संग़ठन की और से तापस कवि ने कहा कि गैर सरकारी कंपनियों के पेंशन भोगियों के लिए न्यूनतम नौ हजार रूपये है ,उस पेंशन में बिना मूल्य राशन की सुविधा, निशुल्क चिकित्सा सुविधा की सुविधा, ट्रेनों में यातायात करने के दौरान रियायत सहित विभिन्न मांगों को लेकर उस चिट्ठी में उल्लेख कर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया गया. पूरे भारत में लाखों पेंशन धारक न्यूनतम पेंशन प्राप्त कर रहे हैं ,जिसके कारण उनका घर चलाना मुश्किल हो गया है, जिस तरह से प्रत्येक सामान का दाम बढ़ रहा है उसी तरह पेंशन की भी बढ़ोतरी होनी चाहिए. आज जिस तरह से चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं उसे देखते हुए न्यूनतम नो हजार रूपये पेंशन करना जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि आज पेंशन धारक की अवस्था बिल्कुल दयनीय हो चुकी है.अगर उनके घर में कोई और कमाने वाला नहीं है तो उनके लिए जिंदगी बसर करना मुहाल हो गया है. उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दे पर इससे पहले प्रधानमंत्री को भी नई दिल्ली में ज्ञापन सौंपा गया है .दुर्गापुर में स्थित पेंशन कार्यालय को भी ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन जब देखा गया कि उनकी मांगे नहीं मानी जा रहे हैं तो आज इंडिया पावर के सभी कर्मचारी एकत्रित होकर जामुड़िया डाक घर के डाक बॉक्स में प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर डाली है ,उस चिट्ठी के माध्यम से अपनी बात को उज्जगार करने की कोशिश की गई .तापस कवी ने कहा कि पेंशन फंड का जो करोड़ों रुपया केंद्र सरकार के पास रखा हुआ है उस रुपए को केंद्र सरकार बे सरकारी शेयर बाजार मैं पैसा लगाने की कोशिश कर रही है, परंतु पेंशन फंड में जो पैसा है वह पेंशन भोगियों का है, सरकार द्वारा उस पैसे को कहीं भी निवेश करने का कोई अधिकार नहीं है .संगठन इसका विरोध करता है. तापस कवि ने बताया कि उनका यह संगठन वह राजनीतिक संगठन है इसमें सभी दलों के लोग हैं जो भी पेंशन धारक हैं वही इस संगठन का सदस्य हो सकता है, फिलहाल ज्यादातर डिसरगड़ पॉवर सप्लाई के 273 कर्मचारी इस संगठन के सदस्य हैं.



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