जामुड़िया - पश्चिम बंगाल के सभी जनजातीय संगठनों के संयुक्त मंच ने सीआरआई रिपोर्ट को बदलने के खिलाफ युनाइटेड फोरम आफ आल आदिवासी आर्गनाइजेशन ने
गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 19 बोगड़ा चट्टी मोड़ स्थित घंटों आदिवासी ने अपने हाथों में पारम्परिक अस्त्र शस्त्र लेकर हाईवे को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया.प्रदर्शन कारियो ने कहा कि कुर्मी समाज को एसटी में शामिल नहीं करने की माँग पर आदिवासियो ने यह रास्ता अवरोध किया. कुर्मी समाज को एसटी जाति में शामिल करने की माँग के ख़िलाफ़ आज आदिवासी समाज की ओर से बंगाल भर में बारह घंटे का बंद का आह्वान किया गया है. कुछ दिनों पहले कुर्मी समाज की ओर से लगातार कई दिनों तक बंगाल में रेलमार्ग तक अवरोध कर दिया गया था. अब कुर्मी समाज के इस आन्दोलन के ख़िलाफ़ बाक़ी के सभी आदिवासी समाज सड़को पर उतर आए है. आसनसोल शहर के बोगड़ा चट्टी इलाक़े में भी आज आदिवासी समाज की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग दो को कई घंटो तक अवरोध कर कुर्मी समाज को एसटी जाती में नहीं शामिल करने की माँग की गई.
आदिवासियों ने अपने परंपरिक नगाड़ा एवं तीर धनुष के साथ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया .सभी के हाथ में कुर्मी आंदोलन के झंडे इस आंदोलन में महिलाएं भी हजारों की संख्या में पहुंची .पुलिस ने रुट को डाइवर्ट कर वाहनों को दूसरी जगह से पास किया, ताकि आने जाने वालों को असुविधा का सामना ना करना पड़े. कुर्मी आंदोलन में इमरजेंसी वाहनों को छोड़ बाकी सभी वाहनों पर आवागमन ठप कर दिया है .इस अवसर पर जामुड़िया आदिवासी कमिटी के सचिव बानेशवर हेम्ब्रम ने कहा कि कूर्मी समाज को एसटी सुची में नहीं शामिल के विरोध में आज पश्चिम बंगाल मे 12 घंटों का बंद बुलाया गया है जब तक पश्चिम बंगाल की सरकार इसे लेकर कोई भी जबाब नहीं देती है ,तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. अगर आज इस आंदोलन के तहत कोई भी निर्णय नहीं निकलता है तो आने वाले समय हमलोगों के द्वारा ओर भी बेहद बड़े अंदोलन जायेगे.
आदिवासियों के विरोध को रोकने के लिए पुलिस की गाड़ी में आए पुलिस कर्मियों को भी रोक दिया गया और उन्हें आदिवासियों के गुस्से का सामना करना पड़ा. इस दिन प्रदर्शनकारी आदिवासी पुलिस लाइन के पुलिस कर्मियों को पुलिस लिखी गाड़ी में घेर लिया और विरोध जताने लगे .


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