जामुड़िया - विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम के 124 वाँ जन्म जयंती के उपलक्ष्य में आसनसोल काजी नजरुल विश्वविद्यालय के सहयोग से 43 वाँ तीन दिवसीय नजरुल मेला का उद्घाटन आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय ,रानीगंज के विधायक तापस बैनर्जी, नगर निगम के एमएमआईसी सुब्रत अधिकारी ने किया ,जबकि इस अवसर पर सोमनाथ मुखर्जी, शांतनु बैनर्जी, डाक्टर ऊतम मंडल, रिजाउल करीम, दीपू काजी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे.
इस मेले के उद्घाटन से पूर्व प्रातः प्रभात फेरी निकाली गयी. यह प्रभात फेरी चुरूलिया अंचल का परिक्रमा कर इसमें शामिल व्यक्तियों ने काजी नजरुल की समाधि पर माल्य अर्पण किया .मेले में उपस्थित हुए सभी अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ,स्मृति चिन्ह एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया.मेला के प्रथम दिन मे कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमे आसनसोल, दुर्गापुर रानीगंज ,जामुड़िया ,बीरभुम ,बांकुड़ा, पुरूलिया, पश्चिम वर्धमान, पुर्व वर्धमान ,मेदिनीपुर एवं बंगलादेश से आये सभी कवियो ने इस कवि सम्मेलन में हिस्सा लिया. इसके अलावा नृत्य कविता पाठ एवं नाट्य का आयोजन किया गया. इस मौके पर विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि कवि नजरुल इस्लाम का जन्म 1899 साल में जामुड़िया विधान सभा क्षेत्र के इसी चुरूलिया की धरती पर हुआ था .यह हमारे लिए बहुत ही गर्व का विषय है उनके दवारा लिखे गये सारी कविताएँ आज सभी के दिलों पर राज करती है .उन्होंने उस समय ब्रिटिश हुकुमत से जब देशवासी आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे,अपने ओजस्वी कविता से लोगो में देशभक्ति का भावना का संचार किया था . आज जिस तरह से उनके यादो को ताजा रखने के लिए प्रत्येक वर्ष इस मेले का आयोजन किया जा रहा है. यह हम सभी के लिए बहुत ही फक्र का विषय है ,ओर आने वाले समय में इस मेले आयोजन को लेकर हमारे तरफ से इस कमिटी की जो भी सहयोग चाहिए, हम हमेशा कमिटी के पास है .


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