रानीगंज-पूर्वी मिदनापुर के एगरा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट हरकत में आ गई है. शुक्रवार की रात रानीगंज थाने की पुलिस ने रानीगंज के बकतार नगर इलाके में पटाखा की दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी की. जहां पुलिस ने बिना अनुमति पटाखा बनाने के आरोप में बख्तानगर निवासी बबलू मालाकार और गुरदास मालाकार नाम के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही उनके घर से 18 किलो बारूद और पटाखा बनाने की अन्य सामग्री बरामद की है. इस मुद्दे को देखते हुए गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों को शनिवार को आसनसोल जिला न्यायालय ले जाया गया. जहां न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों पर अनुमति के बिना पटाखा बनाने का आरोप लगाते हुए, उन्हें भविष्य की सुनवाई के लिए हिरासत में भेज दिया गया.हालांकि आरोपी के वकील गोपाल नंदा ने दावा किया है कि दोनों आरोपियों से एकत्र किए गए बारूद और कच्चे माल के स्टॉक को पटाखा बनाने की अनुमति नहीं मिलने पर घर पर रखा गया था, वकील का दावा है कि उनके मुवक्किल ने निश्चित अनुमति मिलने के बाद ही शादियों और विभिन्न कार्यक्रमों के लिए पटाखे बनाते।वकील ने इस दिन दावा किया कि उनके मुवक्किलों ने बार-बार अनुमति प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है, लेकिन जब नहीं मिला तो उसे घर में रख दिया. उन्होंने दावा किया कि इस दिन बकतार नगर क्षेत्र में पहुंचने और उनके परिवार के सदस्यों से मिलने पर पता चला कि वे लंबे समय से पूजा और विभिन्न त्योहारों के दौरान पटाखे बनाते थे ,और इसके लिए वे विशेष अनुमति लेकर पटाखे बनाते थे. उन्होंने यह भी कहा कि यह धंधा उनका पुश्तैनी धंधा है। उनके अनुसार कई वर्षों तक इन पटाखे बनाने की अनुमति न मिलने के कारण वे अपना गूजारा विभिन्न प्रकार के दसकर्मा की वस्तुएं बनाकर ही व्यतीत करते थे.परिवार के सदस्यों ने लोगों के मनोरंजन के लिए पटाखे बनाने का व्यवसाय करते थे जिसके माध्यम से वे क्षेत्र के बेरोजगार लोगों को रोजगार देने का काम करते हैं.


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