आसनसोल : कोयला तस्करी मामले में हाईकोर्ट के जमानत दिए जाने के बावजूद भी विकास मिश्रा को पूछताछ के लिए आसनसोल सीबीआई विशेष अदालत के जज राजेश चक्रवर्ती ने 4 दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेजने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगले 16 मई को फिर से विकास मिश्रा को उनके अदालत में पेश किया जाए। न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने 24 घंटे के अंदर विकास मिश्रा की मेडिकल जांच करने का भी आदेश दिया। इससे पहले विकास को सीबीआई हिरासत में लेने के मामले की सुनवाई 6 मई को हुई थी। उस दिन विकास के वकील सोमनाथ चपराज ने सवाल किया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट में दोबारा अपील की गई है। तब जज ने आदेश दिया कि इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को विकास पर पुनर्विचार के लिए याचिका खारिज कर दी। कहा कि 10 अप्रैल के आदेश को लागू किया जाए। शुक्रवार की सुबह आसनसोल सीबीआई विशेष अदालत में इस मामले में जब सुनवाई शुरू हुई, तो पहले विकास मिश्रा के वकील सोमनाथ चट्टराज और स्वयं विकास ने जज से और समय देने की अपील की। वे लोग आधे घंटे तक अपने पक्ष में अपनी बात को रखें। लेकिन राजेश चक्रवर्ती ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया और कहा कि मुझे कुछ नहीं करना। पहले 10 अप्रैल को और फिर 8 मई को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है।मुझे इसे लागू करना है।तब न्यायाधीश ने इस मामले में सीबीआई के जांच अधिकारी उमेश कुमार से पूछा कि क्या वे विकास मिश्रा को हिरासत में लेने के लिए तैयार हैं या नहीं। जांच अधिकारी ने कहा हां इसके बाद जज ने विकास को 4 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करना चाहिए।वहीं इस मामले में विकास मिश्रा के वकील सोमनाथ चट्टराज ने बताया कि कोलकाता हाईकोर्ट ने इस मामले में 30 सितंबर 2022 को विकास मिश्रा को जमानत दी थी। सीबीआई ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। 10 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका को बरकरार रखा और 4 दिन के लिए सीबीआई हिरासत में पूछता करने का निर्देश दिया। इसके बाद क्या होगा इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं था। जिसके लेकर हमलोगों ने पुनः सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया। जिसमें 8 मई को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि विकास मिश्रा के जमानत के आदेश को उन लोगों ने कोई छेड़छाड़ नहीं किया है। केवल 4 दिनों के लिए सीबीआई हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने जो निर्देश दिया है। वह लागू रहेगा। इसलिए विकास मिश्रा को 4 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया है। इसके बाद उन्हें रिलीज कर दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि दरअसल 2021 में जब सीबीआई ने विकास मिश्रा को गिरफ्तार किया तो 7 दिन का सीबीआई रिमांड मिला था। लेकिन दो-तीन दिन बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। जिसके कारण सीबीआई 4 दिन पुछताछ नहीं कर सकी। उसी का मेंटेनेंस या जो समझा जाए। उसकी क्षतिपूर्ति के लिए न्यायालय ने 4 दिन का सीबीआई हिरासत में देने का आदेश दिया है।

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