रानीगंज - मंगलवार को वामपंथी निर्माण मजदूर संघ ने रानीगंज में नेताजी प्रतिमा के पास पथ सभा का आयोजन किया और मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें निर्माण श्रमिकों को तरह-तरह से वंचित कर रही हैं, इसलिए केंद्र और राज्य सरकारों को तत्काल इस मामले में पहल करनी होगी.निर्माण श्रमिकों को सभी प्रकार की सुविधाएं देने की मांग पर वाम निर्माण कर्मचारी यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया.उनकी मांग है कि अन्य सभी राज्यों की तरह इस राज्य में भी निर्माण श्रमिकों का वेतन बढ़ाया जाए, अन्य राज्यों में न्यूनतम मजदूरी के अनुसार उनका वेतन बढ़ाया जाए, इसी तरह उन्हें पहचान पत्र, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं आदि देने की मांग की . आज की सभा के मंच से उन्होंने 5 अप्रैल को दिल्ली चलो अभियान को सफल बनाने के लिए निर्माण श्रमिकों का आह्वान किया. इस पथ सभा का नेतृत्व पश्चिम बर्दवान जिला निर्माण समिति अध्यक्ष सुप्रिया राय, दिब्येंदु मुखर्जी, मंजीत बोस, प्रदीप दास आदि ने किया. इस संदर्भ में वामपंथी नेता सुप्रियो रॉय ने बताया कि कल वामपंथियों द्वारा दिल्ली चलो का नारा दिया गया है, इसी के समर्थन में यह पथ सभा की गई. उन्होंने बताया कि उनकी मांग है कि श्रमिकों को न्यूनतम 26 हजार रूपए पारिश्रमिक तथा दस हजार रूपए पेंशन देने होंगे . नया श्रम कोड रद्द करना होगा. इसके अलावा पेट्रोल डीजल और रसोई गैस सहित अन्य रोजमर्रा की चीजों की कीमतों को कम करना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि वामफ्रंट के ज़माने में जो सामाजिक सुरक्षा की परियोजनाएं बनाई गई थी, उनके पैसे का टीएमसी सरकार गबन कर रही है. उनका कहना था कि केरल में निर्माण श्रमिकों को 1200 रुपए पारिश्रमिक मिलता है ,जबकि पश्चिम बंगाल में सिर्फ 300 रुपए मिलते हैं . इन्हीं मुद्दों के खिलाफ यह पथ सभा की गई.



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