आसनसोल : आसनसोल के चर्चित कंबल कांड में नाटकीय ढंग से दिल्ली गिरफ्तार किए गए पूर्व मेयर और बीजेपी नेता जितेंद्र तिवारी को 23 दिनों के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। 9 दिनों की पुलिस रिमांड एवं 14 दिनों के जेल के बाद सोमवार को हाईकोर्ट द्वारा जितेंद्र तिवारी को सशर्त जमानत मिल गई। हाई कोर्ट द्वारा जितेंद्र तिवारी को इस शर्त पर जमानत दी है कि जितेंद्र तिवारी आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेंगे। साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने और गवाहों को धमकी नहीं देने का आदेश दिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायधीश जयमाल्य बागची की डिवीजन बेंच ने सोमवार को कंबल कांड में कोलकाता के प्रेसीडेंसी जेल में बंद जितेंद्र तिवारी को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दी।
मालूम हो कि कंबल वितरण कांड में मची भगदड़ में हुई मौत की घटना में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनमें से छह को हाल ही में उच्च न्यायालय ने 62 दिन जेल में बिताने के बाद सशर्त जमानत दी थी।
गौरतलब है कि 14 दिसंबर 2022 को आसनसोल उत्तर थाना के रामकृष्ण डंगाल में शिवचर्चा एवं कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें राज्य प्रतिपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी उपस्थित थे। सुवेंदु अधिकारी ने कुछ कंबल बांटे और समारोह से चले गए। इसके बाद कंबल लेने के दौरान भगदड़ में तीन लोगों की कुचलकर मौत हो गई थीं।
पिछले मार्च महीने में आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने दिल्ली से सटे नोएडा के यमुना एक्सप्रेस वे से जितेंद्र तिवारी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें आसनसोल जिला अदालत में पेश कर पहले 8 दिनों के लिए और फिर 1 दिन के लिए रिमांड पर लिया था। फिर अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आसनसोल जेल में अचानक जितेंद्र तिवारी की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें पहले आसनसोल जिला अस्पताल और फिर बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था। आखिर में उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां अस्पताल में उन्हें भर्ती नहीं लिया गया था। तब से वे कोलकाता के प्रेसीडेंसी जेल में बंद थे।

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