सांकतोड़िया : श्रीपुर एरिया का सातग्राम एरिया के साथ विलय का विरोध सहित अन्य कई मुद्दों को लेकर शनिवार को ईसीएल मुख्यालय में बुलाई गई जेसीसी और जैक की बैठक का श्रमिक नेताओं मुख्यालय पहुंचकर बायकाट किया और इसके विरोध में प्रदर्शन किया। मौके पर भारतीय मजदूर संघ के दयाचंद नोंनिया, गोविंद माजी, असीम मुखर्जी, एआईटीयूसी के गुरुदास चक्रवर्ती, समीरण भट्टाचार्य, जीएस ओझा, इंटक के चंडी बनर्जी, विमान बिहारी मुखर्जी, एच एम एस के नागेश्वर मोदी, अनंत कवि, सीटू के देवदास राय, डब्लू डी के एम एस (यूटीयूसी) के माधव बनर्जी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
इस दौरान नागेश्वर मोदी ने ईसीएल प्रबंधन के मनमानी रवैया के विरुद्ध श्रीपुर एरिया का सतग्राम एरिया के साथ विलय का विरोध जताया काकी या किसी भी हालत में मजदूर और उद्योग के पक्ष में नहीं है। आके प्रबंधन को इसे लेकर 13 मार्च और 23 मार्च को इसके खिलाफ पत्र दिया गया था। लेकिन प्रबंधन मनमानी कर रहा है। ताकि यूनियन के साथ मजदूरों की समस्याओं को लेकर बैठक नहीं करना सुरक्षा जेसीसी वेलफेयर की बैठक प्रबंधन द्वारा नहीं बुलाया जाना, नियोजन के लंबित मामले का निपटारा नहीं करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि नियोजन के मामले लगभग 8 महीने से पूरी तरह से बंद हैं। कहा कि जिस उद्देश्य से मिशन दिशारी शुरू किया गया था वह अब फाइलों तक सिमट कर रह गया है। कोयला उत्पादन में सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता है।
कहा कि प्रबंधन ने श्रमिक संगठनों की बात पर ध्यान नहीं देकर 1 अप्रैल को श्रीपुर एरिया का विलय कर दिया। इसके बाद 8 अप्रैल को 1 दिन के नोटिस पर जेसीसी की बैठक बुलाया। जबकि भामस ने भी 7,8 और 9 अप्रैल को सम्मेलन की बात कह कर इस दिन बैठक नहीं बुलाने का आग्रह किया था। नोटिस के बाद जैक ने आसनसोल में बैठक का निर्णय लिया। जिसमें यह तय किया गया कि प्रबंधन ने हमारी पत्र में लिखी बात का कोई जवाब नहीं दिया और श्रीपुर एरिया का विलय कर दिया। अतः इन्ही सारी बातों को लेकर जेसीसी और जैक के साथ प्रबंधन जो बैठक करना चाहता है उसके बॉयकॉट करने का निर्णय लिया गया। इसे लेकर हम लोगों ने आज मुख्यालय आकर यह निर्णय सुनाया ताकि सभी को यह पता चल सके। इसके विरोध में 12 अप्रैल को ईसीएल के सभी मजदूर ईसीएल मुख्यालय पहुंचकर धरना देंगे।


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