रानीगंज-रानीगंज के 88 नंबर वार्ड के पार्षद नेहा साव पर एक महिला से फोन पर ₹15000 मांगने का आरोप लगाया गया है ,इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ है. उस महिला से बात की तो उस महिला ने कहा कि आवास योजना के तहत एक घर के लिए बतौर पार्षद नेहा साव को दस्तख़त करने थे इसके एवज में उन्होंने उनसे ₹15000 की मांग की उन्होंने कहा कि वह लोग बेहद गरीब है और उनके बेटे ने पार्षद से हाथ जोड़कर अनुरोध किया था कि वह लोग 5000 से ज्यादा नहीं दे सकते लेकिन पार्षद अपनी मांग से नहीं हटी और उन्होंने ₹15000 की मांग की महिला का साफ कहना है कि मैने तो कोई पैसा पार्षद से नहीं लिया है,तो पार्षद किस बात के ₹15000 मांग रही है इसी से साफ जाहिर होता है कि आवास योजना के तहत घर पाने के लिए पार्षद के रूप में दस्तखत करने के लिए ही वह पैसे मांग रही हैं .हालांकि आरोपों में घिरी नेहा साव से बात की तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया उनका कहना है कि कुछ दिनों पहले उस महिला का बेटा उनके पास किसी काम के लिए आया था, उसने खुद कहा था कि अगर उसका काम हो गया तो वह अपनी खुशी से किसी कार्य के लिए सहयोग करेगा .पार्षद ने बताया कि बहुत जल्द उनके वार्ड में एक बहुत बड़ा यज्ञ होने वाला है उस यज्ञ में उसने खुद आर्थिक सहयोग का वादा किया था और यह सारी बातें मंदिर कमेटी के लोगों के सामने हुई थी क्योंकि अब यज्ञ की तैयारियां शुरू होने वाली है इसलिए उन्होंने फोन पर पैसे देने की बात की थी, लेकिन वह पैसे वह यज्ञ के लिए मांग रही थी ना कि अपने व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए. उन्होंने कहा कि कोई अपने निजी इस्तेमाल के लिए पैसे फोन पर इस तरह से नहीं मांगेगा यह उनको बदनाम करने की साजिश है ,इसके साथ ही उन्होंने मीडिया के कुछ कर्मियों की तरफ भी उंगली उठाते हुए कहा कि कुछ मीडिया कर्मी भी उनको एक प्रकार से ब्लैकमेल कर उनसे पैसे ऐंठना चाहते हैं लेकिन उन्होंने साफ कहा कि यह पैसे उन्होंने दस्तखत करने के एवज में नहीं बल्कि उस व्यक्ति द्वारा अपनी मर्जी से आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिए जाने के बाद मांगे थे. हालांकि इस बारे में रानीगंज ब्लॉक टाउन टीएमसी अध्यक्ष रुपेश यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि सबसे पहले उस ऑडियो का सत्यापन करना जरूरी है और अगर जांच में ऑडियो का सत्यापन हो गया तो निश्चित तौर पर यह भ्रष्टाचार का मामला बनता है और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और नेता अभिषेक बैनर्जी के निर्देशानुसार टीएमसी भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है इसके पहले भी हमने देखा है कि जब टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं यहां तक कि मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया गया यहां तो एक पार्षद की बात हो रही है अगर उनके खिलाफ आरोप सिद्ध हो जाए तो उनको भी बख्शा नहीं जाएगा और पार्टी लाइन के अनुसार उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी .वही इस मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है रानीगंज भाजपा मंडल एक के अध्यक्ष देबजीत खां ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है जब से टीएमसी की सरकार प्रदेश में बनी है और जब से आसनसोल नगर निगम में टीएमसी का बोर्ड बना है तब से ही इस प्रकार की धांधली हो रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा इससे पहले भी इस तरह के आरोप लगाती रही है आज एक ऑडियो वायरल हुआ है तो यह बात सबके सामने आई है लेकिन उनके लिए यह कोई नई बात नहीं है उन्होंने कहा कि यही टीएमसी की संस्कृति है.

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