रानीगंज -भारत सरकार इस बार 342 मेट्रिक टन गेहूं खरीदेगी, भारत में इस साल पर्याप्त गेहूं उपलब्ध होगी, गेहूं का उत्पादन पिछले साल से 5% ज्यादा होने की उम्मीद है, एफसीआई ने अभी तक 7 लाख मैट्रिक टन गेहूं की खरीद की है .यह सारी बातें शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की पहली असाधारण आम बैठक तथा निवेशकों की बैठक में कही गयी.उल्लेखनीय है कि इस बैठक में पश्चिम बंगाल से रानीगंज के मंगलपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्याम एग्रो बायोटेक के महानिदेशक रोहित कुमार खेतान जो इस संस्था के सचिव भी है,उन्होंने भी हिस्सा लिया था. बैठक के दौरान
भारतीय खाद्य निगम के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अशोक कुमार मीणा ने कहा कि इस साल गेंहू की बेहतर उत्पादन के अनुमान तथा बेमौसम बारिश के चलते हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है सभी प्रतिकूल परिस्थितियों के बाद भी गेंहू और आटे की कीमत स्थिर रहे . उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ने के भी अनुमान है जो की एक सकारात्मक चीज है.वहीं भारत सरकार के उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग में अतिरिक्त सचिव सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि मंत्रालय तथा निजी क्षेत्र दोनो का अनुमान है कि इस साल गेंहू का उत्पादन 4 से 5 प्रतिशत ज्यादा होगा .बैठक में 2022- 2023 पीछले वित्त वर्ष के लिए गेंहू की फसल और उत्पादन अनुमान पर एक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी जारी हुई. एग्री वॉच द्वारा तैयार रिपोर्ट में 2023 के अंत में बेमौसम बारिश ओला वृष्टि के बाद भी गेंहू उत्पादन राज्यों द्वारा 102. 89 लाख टन गेंहू के उत्पादन की उम्मीद है. जो की पहले के अनुमान से कम है. यह अनुमान पश्चिम बंगाल गुजरात राजस्थान बिहार हरियाणा मध्य प्रदेश महाराष्ट्र पंजाब उत्तर प्रदेश जैसे 9 राज्यों के 80 जिलों के सर्वेक्षण पर आधारित है इस मौके पर अपना वक्तव्य रखते हुए रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रमोद कुमार एस ने पर्याप्त बफर स्टॉक और अच्छे अनुमान के चलते सरकार से निर्यात पर प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया .उन्होंने कहा कि यह सच है कि प्राकृतिक प्रतिकूलताओं की वजह से उत्पादन अनुमान के अनुसार नहीं हुआ है लेकिन गेंहू के मामले में देश आज अच्छी स्थिति में है ऐसे में प्रवासी भारतीयों के लिए गेंहू के निर्यात से रोक हट जानी चाहिए. वहीं फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवनीत चिलंगिया ने कहा की इस सर्वेक्षण को करने का उद्देश्य है की तथ्यों के अभाव में पहले जैसी स्थिति न हो जहां गेंहू की कीमतों में बेतहाशा उतार चढ़ाव होता है. संस्था के मानद सचिव रोहित खेतान ने केंद्र सरकार की बाजरा नीति का समर्थन किया और बाजरा के कि खपत को बढ़ाने के सरकार की कोशिशों को समर्थन देने की बात कही. वहीं संस्था के उपाध्यक्ष धर्मेद्र जैन ने प्रधान मंत्री की देश हित को सर्वोपरि रखने के आदर्श का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने भी आटे की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव प्रयास किया है.ज्ञात हो की यह संस्था 1940 में स्थापित हुई थी और वर्तमान ने उसने 2500 से भी ज्यादा सदस्य हैं. रोलर मिलर एसोसिएशन भारत के सभी गेहूं मिलर की एकमात्र प्रतिनिधि संस्था है


0 टिप्पणियाँ