आसनसोल : शिल्पांचल में विभिन्न जगहों पर मंगलवार को मातृभाषा दिवस मनाया गया. आसनसोल नगर निगम में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी एवं नगर निगम के अधिकारियों ने शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित किए.इस मौके पर चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने कहा कि मातृभाषा दिवस 21 फरवरी को मनाया जाता है. 17 नवंबर 1999 को यूनेस्को ने इसे स्वीकृति प्रदान की. उन्होंने कहा कि ढाका में भाषा आंदोलन में नरसंहार हुआ था.आज के दिन बांग्लादेश में राष्ट्रीय छुट्टी घोषित की जाती है. उन्होंने कहा कि नगर निगम का काम केवल सड़क, बिजली,पानी एवं परिसेवा देना ही नहीं है, बल्कि आम लोगों के संस्कृति उनकी भावनाओं को भी आदर करना भी है.जिसके लिए आसनसोल नगर निगम सदैव तत्पर रहता है,वहीं दूसरी ओर भाषा शहीद स्मारक समिति आसनसोल कमेटी के द्वारा बीएनआर स्थित रविंद्र भवन में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया.इस मौके पर विद्यासागर और कवि गुरु रविंद्र नाथ टैगोर के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया. इस मौके पर मधुमिता चट्टराज ने बांग्ला भाषा को लेकर एक गीत भी गई. मालुम हो कि 21 फरवरी को पूरे विश्व में 'अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है. दुनिया में भाषाई और सांस्कृतिक विविधता व बहुभाषिता को बढ़ावा देने के लिए, साथ ही साथ, मातृभाषाओं से जुड़ी जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से यह दिन मनाया जाता है. इस दिन 1952 में ढाका विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी मातृभाषा का अस्तित्व बनाए रखने के लिए एक विरोध प्रदर्शन किया था. यह विरोध प्रदर्शन बहुत जल्द एक नरसंहार में बदल गया. जब तत्कालीन पाकिस्तान सरकार की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसा दी. इस घटना में 16 लोगों की जान गई थी. भाषा के इस बड़े आंदोलन में शहीद हुए लोगों की याद में 1999 में यूनेस्को ने पहली बार अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की घोषणा की थी.

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