सालानपुर-आसनसोल के बाराबनी विधानसभा के लालगंज इलाके स्थित एक क्लिनिक में इलाके के सैकड़ों लोगों ने जमकर बवाल काटा है, लोगों ने क्लिनिक के चिकित्सक पर इलाज मे लापरवाही करने का गंभीर आरोप लगाया है, परिजनों का आरोप है की लालगंज की रहने वाली 17 वर्षीय उच्च माध्यमिक की छात्रा शुक्ला मंडल को कुछ दिनों पहले बुखार होने के बाद इलाज के लिये श्रीमती क्लिनिक लेकर आए थे, जहाँ इलाज के दौरान छात्रा की तबियत ठीक होने की जगह और भी बिगड़ती चली गई, जिसके बाद छात्रा की स्थिति बिगड़ता देख परिजनों ने छात्रा को दुर्गापुर स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुँचे जहाँ चिकित्साकों ने छात्रा की स्थिति को देख अपने हाथ खड़े कर लिये . चिकित्सकों ने उनके परिजनों को पूछा की वह छात्रा का इलाज कहाँ करवा रहे थे, तब युवती के परिजनों ने बताया की वह इलाके के ही एक स्थानीय क्लिनिक में यवती की इलाज करवा रहे थे, जिसके बाद चिकित्सकों ने बताया की यवती की इलाज के दौरान काफी लापरवाही बरती गई है, जिस कारण छात्रा की स्थिति काफी बिगड़ चुकी है, फिर भी वह अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं, की छात्रा की जान बच सके, हालांकि चिकित्सकों ने यह साफ कह दिया की छात्रा का जो अभी मौजूदा स्थिति है, उस स्थिति को देख उसको बचा पाना काफी मुश्किल है।
वहीं निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया पर इलाज के दौरान यूवती की मौत के बाद परिजनों के साथ -साथ इलाके के सैकड़ों लोगों ने लालगंज स्थित श्रीमती क्लिनिक जम कर बवाल काटा और क्लिनिक के बाहर जमकर बवाल मचाया, क्लिनिक के बाहर इलाके के लोगों द्वारा हो रहे हो हंगामे के बिच गुस्साए लोगों ने क्लिनिक मे जमकर तोड़फोड़ भी की वहीं घटना की खबर सुन मौके पर नौर्थ थाना पुलिस व कन्यापुर पुलिस फाड़ी पहुँच स्थिति को नियंत्रण करने का प्रयास कर रही है। वहीं स्थानीय लोग क्लिनिक के चिकित्सक पर यह भी आरोप लगा रहे हैं की उनके क्लिनिक का लाइसेंस नही है जिसके बावजूद वह अवैध रूप से क्लिनिक को चला रहे हैं, साथ ही उनका यह भी आरोप है की वह एक आरएमपी डॉक्टर है उनका बेटा भी उनके इस काम मे शामिल है, और पैसों के लालच मे दोनों बाप बेटे इलाज करवाने आए मरीजों के साथ कुछ इसी तरह का इलाज करते है। स्थानीय लोगो का आरोप है की क्लिनिक मे अक्सर ज्यादातर मरीजों को सेम्पल मेडिसिन दिया जाता है और उस दवाई की मूल्य मनचाहे तरीके से वसूला जाता है, ऐसे मे सेम्पल मेडिसिन किसी मरीज को सूट कर गया तो ठीक है अगर नही सूट किया तो उन मरीजों का कुछ इसी तरह का हाल हो जाता है, अगर समय पर लोग अपने मरीजों को किसी अच्छे अस्पताल मे इलाज करवाने लेकर चले जाते हैं तो उनके मरीजों की स्थिति सुधर जाती है, अगर वह इन चिकित्सकों के भरोसे रह जाते हैं, तो उनको उनके मरीजों की जान से हााथ धोना पड़ता है, फिलहाल पुलिस मामले की जाँच मे जुट गई है और क्लिनिक के बाहर बवाल कर रहे लोगों को यह आश्वासन दिया गया कि उनके आरोपों पर वह जाँच करेंगे एंव दोषी पाए जाने पर करवाई भी की जाएगी।

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