जामुड़िया-जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के तपसी आंचलिक तृणमूल कांग्रेस अंतर्गत कुनुस्तोरिया कोलियरी के दो नंबर चानक के पास विधानसभा निर्वाचन के समय स्थानीय एक तृणमूल कांग्रेस कर्मी द्वारा अपने गैराज को चुनाव सम्बन्धी कार्यो में टीएमसी को दिए जाने एवं चुनाव पश्चात पुनः उक्त स्थान को अपने गैराज के रूप में प्रयोग के लिए पार्टी का झंडा बैनर खोले जाने पर टीएमसी के अन्य गुट के साथ वाद विवाद हो गयी.
घटना के संदर्भ में आरोप है कि शेख ओकेश अहमद नामक तृणमूल कर्मी ने बुधवार की सुबह कार्यालय के बाहर लगे झंडे को काट दिया एवं उनके द्वारा कार्यालय के भीतर लगे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पोस्टर को भी फाड़ दिया गया. मौके पर पहुंचे तपसी अंचल तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष राजू मुखर्जी ने कहा कि शेख ओकेश अहमद कुनुस्तोरिया कोलयरी में स्थित पार्टी कार्यालय से पार्टी का झंडा अन्यत्र हटा दिया बैनर को भी हटा दिया और कार्यालय पर ताला लगा दिया .उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा कार्यालय था जहां पर टीएमसी कार्यकर्ता और समर्थक जुटते थे और टीएमसी के किसी कार्य या परियोजना को लेकर वार्तालाप किया जाता था. उन्होंने कहा कि यह सच है कि यहां पर रोज बैठक नहीं होती थी लेकिन जब भी तृणमूल का कोई कार्यक्रम होता था, इसी कार्यालय से उस पर विचार विमर्श किया जाता था, लेकिन जिस तरह से उन्होंने बिना किसी से परामर्श किए पार्टी कार्यालय का ताला लगा दिया वह बहुत ही निंदनीय है. उन्होंने कहा कि यह पार्टी विरोधी कार्य है जिस पर पार्टी को ही कार्यवाही करनी होगी.उन्होंने स्वंय शेख ओकेश को सुबह से कई बार फोन करके ऐसा करने से रोका था, लेकिन बाद में पता चला कि उन्होंने ना सिर्फ पार्टी का झंडा हटा दिया बल्कि बैनर भी हटा दिया और कार्यालय पर अपना ताला लगा दिया .उन्होंने कहा कि इस बारे में जामुड़िया के विधायक हरेराम सिंह से लेकर पार्टी के उच्च स्तरीय नेताओं को जानकारी दे दी गई है. वही इस बारे में शेख ओकेश से बात की तो उन्होंने कहा कि वह भवन उनका गैराज था. विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल के लिए अस्थाई तौर पर दिया गया था. उन्होंने कहा कि यह कभी भी पार्टी कार्यालय नहीं था और यह उनका गैराज था, उन्होंने कहा कि वह अभी भी तृणमूल कांग्रेस का कर्मी है, और क्योंकि इस पार्टी कार्यालय में नियमित तौर पर पार्टी की बैठक नहीं होती थी, इसलिए उन्होंने पूरे सम्मान के साथ पार्टी का झंडा और पार्टी का बैनर हटाया और उस जगह पर लगाया जहां पर पहले से ही पार्टी कार्यालय है. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अगर पार्टी को जरूरत होगी तो वह अपने गैराज को पार्टी के इस्तेमाल के लिए देने को तैयार हैं. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि जो कुछ किया वह पार्टी विरोधी कार्य है ,हालांकि इस बारे में तृणमूल अल्पसंख्यक नेता खालिद अंसारी से बात की तो उन्होंने इसे पार्टी विरोधी कार्य बताया और कहा कि शेख ओकेश का यह दावा सरासर गलत है कि वह पार्टी कार्यालय नहीं था, उनका गैराज था .उन्होंने कहा कि 2011 से ही यहां पर यह पार्टी कार्यालय है और यहां से पार्टी की काफी महत्वपूर्ण बैठक में होती थी. वहीं उन्होंने कहा कि उन्होंने जो किया है वह पूरी तरह से पार्टी विरोधी कार्य है और अगर वह कहते हैं कि वह अभी भी तृणमूल में है तो मेरा उनसे सवाल है कि वह अब तक कहां थे और 2021 के विधानसभा चुनाव में उनकी क्या भूमिका रही थी.

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