जामुड़िया : कोल इंडिया ने ईसीएल के श्रीपुर क्षेत्र को घाटे से बचाने के लिए सातग्राम क्षेत्र से मिलकर उत्पादन बढ़ाना चाहती है, जिसे लेकर श्रमिक संगठनों में तीब्र नाराजगी है. जिसे लेकर ज्वाइंट एक्शन कमिटी ने के प्रतिनिधियों ने सोमवार की सुबह श्रीपुर एरिया क्षेत्र के निंघा कोलियरी के समक्ष्य विरोध प्रदर्शन किया. बीएमएस संगठन के विजय सिंह ने कहा ईसीएल द्वारा लिया गया यह फैसला पूरी तरह से अनैतिक है. ईसीएल मैनेजमेंट षड्यंत्र के तहत श्रीपुर क्षेत्र को सातग्राम क्षेत्र से मर्ज करना चाहती है. इस भूमिगत खदान के नीचे लाखो टन कोयला है. यहां के श्रमिक भी काफी कर्मठ है ,अगर कंपनी चाहे तो सही तरीके से उत्पादन कर ईसीएल को भारी मुनाफा प्रदान कर सकती है. कोलियरी में इतनी उर्जा होने के बावजूद भी ईसीएल ऐसा फैसला क्यों लेना चाहती है यह समझ से परे है. आज केवल निंघा कोलियरी पर प्रदर्शन किया गया है, परंतु आने वाले समय में हम क्षेत्र की सभी कोलियरियों के समक्ष आवेदन करने को बाध्य है,अगर फिर भी मैनेजमेंट का रवैया नहीं बदला तो हम महाप्रबंधक कार्यालय पर धरना देंगे.
वर्षों पहले सीतारामपुर एरिया के साथ सोदपुर एरिया एवं सलानपुर एरिया को मर्ज किया गया था. उस समय श्रमिक आपस में खंडित होने कारण मैनेजमेंट अपने षड्यंत्र में कामयाब रहे परंतु अभी की स्थिति कुछ और है अब श्रमिक अपने हक की लड़ाई करना जानते है.इस बार ट्रेड यूनियन मैनेजमेंट को अपने षड्यंत्र में कामयाब नहीं होने देगा.अगर जरूरत पड़ी तो हम भूख हड़ताल पर बैठने को तैयार हैं. इस क्षेत्र को बचाने के लिए मजदूर कुछ भी करने को तैयार है.


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