दुर्गापुर:कांकसा के बनकटी पंचायत क्षेत्र के खेरोबाङी आदिवासी मुहल्ले में प्राथमिक विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नही होने से इस विद्यालय में झाड़ू बाल्टी लेकर बच्चें विद्यालय के साफ सफाई करने पर मजबूर है।सोमवार की सुबह ग्यारह बजे बच्चों द्वारा विद्यालय के साफ सफाई करने का तस्वीर देखने को मिला।स्कूल में पहली कक्षा से चौथी कक्षा तक की चार कक्षाओं में कुल 63 विद्यार्थी हैं। 3 शिक्षक हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं। ऐसे में छात्रों को स्कूल की सफाई करनी पड़ती है। छात्रों को भारी बेंचों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में ले जाना पड़ता है। आरोप है कि स्कूल का सारा काम हो जाता है।राज्य में जहां प्रशासन आदिवासी शिक्षा पर जोर दे रहा है वहीं बच्चे बाल्टियों से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का काम संभाल रहे हैं. सारा काम प्रभारी शिक्षकों के निर्देशन में चल रहा है। अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं होने के कारण उनके बच्चों से इस तरह का काम कराया जा रहा है. बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजा जाता है लेकिन इस विद्यालय में बच्चों से शारीरिक श्रम कराया जा रहा है. प्रभारी शिक्षक उत्तम हाजरा ने कहा कि विद्यालय की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को निभानी चाहिए। स्कूल किसी भी चौथी श्रेणी के कर्मचारियों को नही ले सकता नियुक्ती करने का काम सरकार की जिम्मेवारी है।जब तक कोई कर्मचारी का बहाल नही हो जाता है तब तक विद्यालय में छात्र शिक्षक मिलकर काम करेंगे।


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