रानीगंज - जेके नगर के बांका डांगा क्षेत्र में आदिवासी समुदाय द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां आदिवासी समाज के महिला पुरुषों ने आदिवासी गीत,संगीत,नृत्य में हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम के बारे में आदिवासी समाज के सदस्यों ने बताया कि आदिवासी समाज का सबसे बड़ा पर्व बन्दना या सोहराय पर्व है. विगत 10 जनवरी से शुरू हुआ यह त्यौहार आदिवासी समुदाय के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, यह त्यौहार 5 दिनों तक चलता है और इस उत्सव में आदिवासी समुदाय के लोग भाग लेते हैं,जो लोग किसी कारणवश घर से दूर रहते हैं, वे भी इस उत्सव में भाग लेने के लिए घर वापस आते हैं, लेकिन उनका कहना था कि उन्हें प्रशासन से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिला उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनसे मुंह मोड़ लिया है क्योंकि प्रशासन दुर्गा पूजा, छठ पूजा और अन्य किसी भी तरह के आयोजन में जैसा सहयोग करता है वैसा सहयोग उनको नहीं मिल.उन्होंने शिकायत की कि सड़कों की सफाई नहीं की गई, लाइटें लगाना और यहां तक कि पीने के पानी की आपूर्ति भी ठीक से नहीं की गई.

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