दुर्गापुर-आसनसोल-दुर्गापुर समेत शिल्पांचल में काफी संख्या में मारवाड़ियों,राजस्थानीयों का बसेरा है। राजस्थानी समुदाय को एकजुट करने एवं बंगाल में राजस्थान की संस्कृति प्रदर्शित करने के उद्देश्य से दुर्गापुर के सिटी सेंटर स्थित आनंद एजुमेन्ट पार्क में आठ दिवसीय राजस्थानी मेले का आयोजन किया गया है। मेले की शुरुआत गुरुवार की संध्या हुई। इस मेले में पूरे पार्क को राजस्थानी कलाकृतियों से भरपूर सजाया गया है। जगह-जगह राजस्थानी संस्कृति को दर्शाती चित्र लगे है।
मेले के इवेंट आर्गेनाइजर श्याम अग्रवाल ने बताया इस इवेंट से हमारी राजस्थानी भाषा, कला, संस्कृति का प्रमोशन होगा। शहर में कई ऐसे लोग हैं जो राजस्थान नहीं जा सकते ऐसे लोग हमारे कार्यक्रम में शामिल होकर हमारी संस्कृति के बारे में जान सकेंगे एवं भरपूर आनंद उठा सकेंगे। यहां करीब सौ की संख्या में राजस्थान से कलाकार आए है। मेले का पूरा सेट भी राजस्थान से मनाया गया है। समाज के जो पुरानी संस्कृति विलुप्त हो रही है हम उसे फिर से उजागर करने का प्रयास कर रहे है।
मेले के संचालक पवन साहा, व्यंजन विभाग के जेठमल जोशी ने बताया दुर्गापुर शहर में पहली बार ऐसा राजस्थानी मेला आयोजित किया गया है। ऐसे में शहरवासियों में मेले के प्रति काफी दिलचस्पी देखी जा रही है। मेले में राजस्थानी संस्कृति को पेश करता घोड़ा डांस, काठबेलिया डांस, ऊंठ डांस, राजस्थानी गीत समेत विभिन्न प्रकार की राजस्थानी कार्यक्रम होंगे। मेले में 56 तरीके के भोग है। हर एक राजस्थानी-मारवाड़ी व्यंजन यहां मौजूद है

0 टिप्पणियाँ