रांनीगंज-रांनीगंज के एन एस बी रोड स्तिथ नेताजी सुभाष बोस स्टेचू के सामने नेशनल हाईवे 60 में हुए भु धसान के अस्थाई मरम्मत कर हल्के वाहनों का आवागमन चालू कर दिया गया है,वहीं दूसरी और रांनीगंज से विभिन्न स्थानों के लिए चलने वाली मिनी बसों को स्टापेज रेल स्टेशन के पास स्तिथ बस स्टैंड के बजाय तरबंग्ला अशोका पेट्रोल पंप के पास फिलहाल की गयी है. इस स्थान पर बसों को रोके जाने पर एक और जहां रानीगंज शहर में ट्रैफिक जाम न होने के कारण शहरवासी राहत का सांस ले रहे हैं,वहीं दूसरी और तरबंग्ला में बस स्टापेज किये जाने के कारण सारा दिन यहां जाम लगा रहा.ज्ञात हो कि रानीगंज एक अनियोजित शहर है, और इसी के बीचों बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग 60 गुजरता है. रानीगंज के राज परिवार द्वारा कच्ची सड़क का निर्माण किया गया था, बाद में उस सड़क पर कोलियरी शहर की सड़क को नगरोन्नयन विभाग द्वारा पक्की सड़क के रूप में बनाया गया था,ईस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग 60 का दर्जा दे दिया गया , और यही राष्ट्रीय राजमार्ग अब रानीगंज वासियों के लिए आफत बन गया है. इस सड़क के नीचे पुराने हुम् पाइप नाले हैं,नेशनल हाईवे ऑथोरिटी द्वारा बिना किसी जांच पड़ताल के विशाल नाले के ऊपर सड़क बना दी गई है. सड़क पर भारी वाहनों के आवागमन की वजह से पुराना नाला बार-बार टूट कर समस्या पैदा कर रहा है. स्थानीय क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह हादसा हुआ है. पिछले दिनों सीवर का अंदरूनी हिस्सा भरभरा कर गिर गया और सड़क धराशायी हो गई थी. इस बार भी कुछ महीने पहले से इस स्थान पर धीरे-धीरे जमीन धसने की घटना बढ़ती जा रही थी और धसे हुए हिस्से को थोड़ा-थोड़ा करके ही ठीक किया जा रहा था, इसी तरह एक बड़े आकार के शनिवार सुबह धंसने से प्रशासन की आंख खुल गई. स्थानीय लोगों की मांग है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के लिए उचित उपाय किए जाएं.इसके लिए पहले दो बाइपास सड़कें बननी थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.यहां के लंबे समय से रह रहे लोगों की मांगों को पूरा करके ही इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। जिसके लिए केंद्र के साथ साथ राज्य सरकार के सहयोग की आवश्यकता है. रानीगंज के निवासियों ने इस समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग कर रहे है.




0 टिप्पणियाँ