रांनीगंज-प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि जो भी विपक्षी नेता हैं ,विशेष रूप से जो एक जिम्मेदार पद पर जनप्रतिनिधि हैं, यदि वे राज्य सरकार की सभी प्रशासनिक बैठकों और विभिन्न कार्यों में उपस्थित होते हैं, तो विकास कार्य को बढ़ाया जा सकेगा, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उन्हें बार-बार बुलाने के बाद भी वे नहीं आते हैं.
इस तरह की टिप्पणी सामने आने के बाद बीजेपी नेत्री और आसनसोल दक्षिण के विधायक अग्निमित्रा पाल ने पलटवार करते दावा किया कि मुख्यमंत्री का कहना पूरी तरह से गलत है. उन्होंने सत्ता दल पर आरोप लगाया कि उनके सामने ही तीन दिवसीय मेला चल रहा था, लेकिन मुझे नहीं बुलाया गया. हालांकि मैँ जाऊंगी भी नहीं. .उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री मलय घटक को मेरे विधानसभा क्षेत्र में रोगी कल्याण संघ का अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन मैं वहां की सदस्य तक भी नहीं हूं ,जबकि वह मेरा अधिकार है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब केंद्र से पैसा मांगने की बात आती है तो हमारी याद आती है, मुख्यमंत्री ने हर बात पर झूठ बोला है.
दूसरी और रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें सरकारी तौर पर हमेशा बुलाया जाता है,पर वह हमेशा हर उस चीज़ में राजनीति खोजती हैं जो नहीं होनी चाहिए, एक बच्चे की तरह व्यवहार करती हैं. हर विधायक को ही रोगी कल्याण समिति का सदस्य नहीं बनाया जा सकता है,इस तरह का आयोजित मेला का बढ़ावा उन्हें देना चाहिए, क्योंकि आयुष मेला से वह गरीब लाभान्वित हो रहे है,जो आर्थिक रूप से कमजोर है, पर उन्हें तो सिर्फ विरोध करना है.










0 टिप्पणियाँ