आसनसोल : आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डो से काली पहाड़ी स्थित कचड़ा डंपिंग स्टेशन में 5 लाख मेट्रिक टन से अधिक कचड़ा एकत्रित हो गया था। जो आसनसोल नगर निगम के लिए सिरदर्द बन गया था। लेकिन अब यह कचड़ा आसनसोल नगर निगम के लिए लाभ का पदार्थ बन जाएगा। क्योंकि सुडो कंपनी के द्वारा इस कचड़ा को रीसाइक्लिंग कर बायो प्रोडक्ट तैयार किया जाएगा। इस कचड़ा रीसाइक्लिंग करने के लिए स्क्रीनिंग मशीन का उद्घाटन गुरुवार को आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय, निगमायुक्त राहुल मजूमदार, दोनों उपमेयर अभिजीत घटक और वसीम उल हक ने फीता काटकर संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर मेयर परिषद सदस्य शिक्षा सुब्रत अधिकारी, सांस्कृतिक विभाग के मेयर परिषद गुरदास चटर्जी और सेनेटरी विभाग के मेयर परिषद सदस्य मानस दास उपस्थित थे। इस दौरान मेयर ने बताया कि अब हर वार्ड से घर घर से कचड़ा उठाने की योजना शुरू की जाएगी। पहले यह 26 वार्डों में लागू किया जाएगा। फिलहाल 14 वार्डों में इस योजना को लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही 5 बोरो कार्यालय में लोहे के बड़े कुड़ादीन भी दिए गए हैं। काली पहाड़ी में डंपिंग ग्राउंड में कचड़ा स्क्रीनिंग के लिए मशीन लगाई गई है। धीरे-धीरे यहां कचरे के ढेर हटाने के बाद रिसाइक्लिंग प्लांट का कार्य शुरू होगा। जहां से कचड़ा का विभिन्न बाय प्रोडक्ट बनाया जाएगा। वहीं कचरा उठाने वाले सफाई कर्मियों को सुरक्षा के भी प्रदान किया जाएगा। जिसमें मास्क, ग्लोबस भी रहेगा। वही सुडो कंपनी के मैनेजर सोलंकी ने बताया कि यहां 5 लाख मैट्रिक टन से अधिक कचड़ा है। इसको हम लोग 1 साल के अंदर रीसाइक्लिंग कर बायो प्रोडक्ट तैयार करेंगे। जो सीमेंट, रोड बनाने के कार्य में आने वाली पदार्थ और मिट्टी में पूर्वक का शक्ति पैदा करने के लिए बायो प्रोडक्ट तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी कंपनी पहली बार पश्चिम बंगाल में आसनसोल और दुर्गापुर में यह कार्य कर रही है। इसके पहले हम लोगों ने बिहार के पटना और गया, उत्तराखंड के देहरादून, मध्यप्रदेश के भोपाल, राजस्थान के जयपुर और जोधपुर एवं कई अन्य राज्यों में हमारी कंपनी कार्य कर रही है। हम लोग जल्द ही इस कचड़ा को रीसाइक्लिंग कर यहां के भूमि को खाली कर नगर निगम को सौंप देंगे।









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