आसनसोल : भाजपा पार्षद चैताली द्वारा आयोजित कंबल वितरण समारोह में भगदड़ के कारण हुई हादसा पर राजनीतिक दल अपना राजनीतिक रोटी सेंकना शुरू कर दिया है।अब तक इस मामले में टीएमसी और बीजेपी के बीच यह होड़ चल रहा था कि पीड़ित परिवार के साथ कौन खड़ा है। लेकिन अब इसमें राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी इंट्री मार दी है। गुरुवार को राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला नेतृत्व का एक प्रतिनिधिमंडल इस हादसे में घायल महिला मरीजों को देखने आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचा। उनलोगों ने घायल महिलाओं से मुलाकात कर उनकी हालचाल जाना। उसके बाद कांग्रेस के प्रदेश सचिव प्रसन्नजीत पुईतंडी ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है।इससे हम सभी लोग मर्माहत है।उन्होंने कहा कि शिवचर्चा के नाम पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।जिसमें गरीबों को लुभाने के लिए कंबल वितरण का आयोजन किया गया था। जितने तादाद में महिलाओं को बुलाया गया था। उतनी जगह नहीं थी। उतना कंबल नहीं था।जिसके कारण यह हादसा हुई।लेकिन पुलिस कहती है कि इसका उन लोगों ने अनुमति नहीं लिया था, तो इतना बड़ा मंच कैसे बन गया। पुलिस अन्य जगहों में ट्रैफिक व्यवस्था को देखने के लिए निगरानी कर रही थी।शुभेंदु अधिकारी को पहुंचाने के लिए वहां पुलिस गई। इससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठता है। हमारी मांग है कि पुलिस कमिश्नर जांच का बहाना ना बनाएं। वह इस मामले में जो लोग दोषी हैं। उन्हें पहले जेल भेजें। इसके अलावा जो पीड़ित परिवार हैं उन्हें राज्य सरकार के द्वारा जो मुआवजा दी जाती है। वह पीड़ित परिवार को दी जाए। इसके लिए हम लोग जिला प्रशासन से भी मुलाकात करेंगे। वही कांग्रेस पार्षद एसएम मुस्तफा ने कहा कि इतनी बड़ी हादसा हुई। जिससे हम सभी लोग दुखी हैं। लेकिन पुलिस को जो कार्य करनी चाहिए थी। पुलिस वह कार्य करने में असफल साबित हुई है। यदि पुलिस अपनी भूमिका का पालन करती, तो शायद यह हादसा नहीं होता। पुलिस ओके रोड, सफी मोड़ एवं अन्य मुस्लिम इलाके में मुस्तैद थी। लेकिन जहां कार्यक्रम हो रहा था। वहां पुलिस नहीं थी।









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