आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 27 की भाजपा पार्षद चैताली तिवारी के नेतृत्व में बुधवार को रामकिशुन डंगाल स्थित कैलाश नगर मैदान में एक शिव चर्चा और कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसने हजारों की तादाद में विभिन्न मंडलों और वार्डों की महिलाएं भाग ली थी। इस कार्यक्रम में राज्य बीजेपी प्रतिपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी भाग लिया था। इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप दे, प्रदेश भाजपा नेता कृष्णेन्दु मुखर्जी, पूर्व मेयर सह भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी, वार्ड पार्षद चैताली तिवारी उपस्थित थे।कुछ कंबल वितरण करने के बाद शुभेंदु अधिकारी और जितेंद्र तिवारी वहां से दूसरे कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बर्नपुर के लिए रवाना हो गए। जिसके बाद कंबल वितरण के दौरान अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न हो गई। जिसके कारण भगदड़ मच गई।इस भगदड़ में कई महिलाएं दब गई। भीड़ के पैरों से कुचले जाने के कारण दो महिलाएं और एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। जबकि 5 महिलाएं घायल हो गई। इन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां उनकी ईलाज चल रही है। इस दौरान उन्हें देखने के लिए मेयर विधान उपाध्याय अभिजीत घटक शिव दासन दासु एवं अन्य तृणमूल नेता पहुंचे। जिसके बाद आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार नीलकांतम जिला शासक एस अरुण प्रसाद भी पहुंचे। वहां सुधीर कुमार नीलकांतम ने मीडिया कर्मियों को बताया कि इस कार्यक्रम के लिए पुलिस अनुमति नहीं ली गई थी। इस मामले को तहकीकात कर जो दोषी होंगे। उन पर कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर स्वयं घटनास्थल पर गए। घटनास्थल की जायजा ली। वहां देखा कि बांसो की ब्रैकेड टूटी पड़ी थी। मैदान में चप्पलें बिखरी पड़ी थी। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी के ऊपर प्राथमिक दर्ज नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों की मानें तो पुलिस ने बुधवार की रात मृतक के परिजनों को थाना बुलाई थी। उनका बयान कलमबद्ध किया गया। उनके परिजनों से उस पर हस्ताक्षर भी करवाया गया है। कयास लगाया जा रहा है कि पुलिस आयोजक चैताली तिवारी, जितेंद्र तिवारी, बीजेपी के राज्य विधानसभा के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी बीजेपी के कुछ नेताओं और आसनसोल राइजिंग के कुछ सदस्यों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर सकती है। लेकिन हाईकोर्ट के जज के आदेश के कारण शुभेंदु अधिकारी पर पुलिस एफ आईआरदर्ज नहीं कर सकती। क्योंकि उन्हें हाईकोर्ट से सुरक्षा प्रदान है। इसके खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। राज्य सरकार के तरफ से अधिवक्ता अभिषेक मनु सुप्रीम कोर्ट में शुभेंदु अधिकारी पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए केस दायर की है। फिलहाल आसनसोल उत्तर थाना पुलिस इस मामले की जांच कर यह तैयारी कर रही है की किसके किसके खिलाफ और कौन-कौन सी धारा के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। हालांकि पुलिस कमिश्नर में स्पष्ट कहा है दोषियों के खिलाफ केस अवश्य दायर करेंगे।
वहीं दूसरी ओर कंबल वितरण कार्यक्रम में भीड़ के पैरों तले कुचले जाने वाले दो महिलाओं और एक बच्ची का पोस्टमार्टम गुरुवार को आसनसोल जिला अस्पताल में किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव लेने के लिए मृतक के परिजनों से मिलने के लिए तृणमूल जिला नेतृत्व और भाजपा जिला नेतृत्व जिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान इस हादसे में मौत को लेकर जमकर राजनीति दिखी। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस यह दिखाने के प्रयास कर रहे थे कि पीड़ित परिवार के साथ वे लोग खड़े हैं। जिसके कारण उत्तेजना की सृष्टि हुई।गुरुवार की सुबह भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी जिला अस्पताल पहुंचे। पहले से ही कुछ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता उपस्थित थे। या यूं कहा जाए नगर निगम बोर्ड के लगभग सभी सदस्य मेयर विधान उपाध्याय, उपमेयर वसीम उल हक मेयर परिषद सदस्य देवेंन्दू भगत, इंद्राणी मिश्रा, अभिजीत घटक के साथ कई पार्षद उपस्थित थे। इस दौरान भाजपा जिला नेतृत्व दिलीप दे,कृष्णेंदु मुखर्जी और आशा शर्मा जिला अस्पताल पहुंचे। इन लोगों को देखते ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बीजेपी दूर हटो, खुनी बीजेपी महिलाओं की मौत क्यों हुई जवाब दो का नारा लगाया। जिससे जिला अस्पताल परिसर में उत्तेजना की स्थिति उत्पन्न हो गई।हालांकि भाजपा नेताओं ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। वही मेयर विधान उपाध्याय ने कहा कि हम लोग पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। पीड़ित परिवार को जो भी सहयोग देना होगा नगर निगम उसके लिए तैयार है। यह काफी दुखद घटना है। लेकिन जिस तरह शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना के सुनने के बाद भी लिट्टी चोखा के पार्टी में चले गए। रात भर लिट्टी चोखा खाए। लेकिन उन्होंने मृतक परिवारों के परिजनों से मिलने का कोई प्रयास नहीं किया, ना ही वे उन्हें देखने के लिए अस्पताल आए। वही जितेंद्र तिवारी ने कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। जो घायल हुए हैं, मृत हुए हैं। उनके साथ हम खड़े हैं। यह बाद का विषय है कि हमें बैकफुट पर लाने के लिए कौन क्या कर रहा है। यही नहीं मेयर विधान उपाध्याय उपमेयर अभिजीत घटक एवं अन्य तृणमूल नेताओं ने मृतक परिवारों के घर जाकर उन्हें सांत्वना दी।उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। गौरतलब है कि मेयर विधान उपाध्याय, उपमेयर अभिजीत घटक एवं अन्य तृणमूल नेता बुधवार की रात भी अस्पताल गए थे। गुरूवार की सुबह भी वे जिला अस्पताल में रहे। वहां से पार्थिव शरीर लाने के बाद मृतक चांदमणि देवी झाली देवी और प्रीति सिंह के घर जाकर उनके परिजनों को सांत्वना दी।









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