आसनसोल : बोगटुई नरसंहार कांड के मुख्य आरोपी ललन शेख के सोमवार की रात सीबीआई हिरासत में मौत हो गई। जिसे सीबीआई ने दावा किया है कि ललन शेख ने बाथरूम में फांसी के फंदा बनाकर लटक गया और आत्महत्या कर ली। जबकि ललन शेख की पत्नी का आरोप है कि सीबीआई ने उनकी पति की हत्या कर दी है। उसने आरोप लगाया है कि सीबीआई के अधिकारियों ने ₹50 लाख घूस मांगी थी। घर में तोड़फोड़ भी किया गया था। इसके विरोध में बीरभूम स्थित सीबीआई के अस्थाई कैंप पर ललन शेख के समर्थकों के द्वारा हजारों की संख्या में घेराव कर प्रदर्शन किया गया।जिसके बाद इस मामले में पुलिस ने 7 सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ धारा 302 के साथ कोई अन्य गैर जमानती धाराओं के साथ एफआईआर दर्ज की है। जिसमें सुशांत भट्टाचार्य का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि इस केस से सुशांत भट्टाचार्य का कोई लेना देना नहीं है। वे गौ तस्करी के मामले में अनुव्रत मंडल को गिरफ्तार किए थे। इस मुद्दे पर राज्य प्रतिपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को आसनसोल में पत्रकारों से बात करते हुए टीएमसी पर जमकर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि बोगटुई नरसंहार के मुख्य आरोपी ललन शेख की आत्महत्या के बाद जिस तरह से प्रदर्शन किया जा रहा है। उससे केंद्रीय एजेंसियों की अधिकारियों की सुरक्षा खतरे में है। यही कारण है की केंद्रीय एजेंसी यहां के केस को अन्य राज्यों में लेकर जाती है। यहां जिस तरीके से केंद्रीय एजेंसियों के साथ र्दुव्यवहार किया जाता है। भारतवर्ष के पूरे किसी राज्य में ऐसा नहीं होता। ललन शेख की पत्नी के तरफ से जो प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वह उसके मन से नहीं बल्कि टीएमसी के हाईकमान के निर्देश पर हुआ है। यह हमें पूरी दायित्व के साथ कह रहा हूं। यह बॉबी हाकिम के निर्देश पर राणा को यह प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया और यह निर्देश बॉबी हाकिम को मेघालय से दीदी ने दी है। इस प्राथमिकी में सुशांत भट्टाचार्य का नाम भी शामिल है। जो इस केस का अधिकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि दरअसल टीएमसी के उच्चनेतृत्व एक बार फिर से इलाके में बोगटुई नरसंहार कांड जैसे घटना का अंजाम देने के लिए लाइसेंस दे रही है। केवल इस मामले पर बल्कि एसएससी घोटाले, प्रधानमंत्री आवास योजना पर भी राज्य सरकार को घेरा शुभेंदु अधिकारी ने कहा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बहुत सारी गड़बड़ियां आ रही है। जिसमें 17 गाइडलाइन दिया गया है। इस गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है । आर्थिक संपन्न लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह राबड़ी टीएमसी के नेताओं ने पैसा लेकर बांटी है। इसलिए मैं आईसीडीएस कर्मियों से अनुरोध करूंगा कि वे लोग इसकी जांच करने के लिए ना जाएं, नहीं तो उनके साथ कुछ भी दुर्घटना घट सकती है। जो लोग यह लिस्ट 2018 में तैयार किए हैं वे लोग ही इसको सही करें। इस मामले को हम लोग केंद्रीय ग्राम पंचायत मंत्री से सोमवार को मुलाकात करेंगे।

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