कंबल वितरण हादसे में मृतक के परिजनों से मिला राज्य के मंत्रियों का प्रतिनिधि मंडल, संवाददाता सम्मेलन में जमकर भाजपा पर बरसे मंत्री





आसनसोल : आसनसोल के वार्ड संख्या 27 के रामकिशुन डंगाल में बीते 14 दिसंबर को भाजपा द्वारा आयोजित शिव चर्चा एवं कंबल वितरण कार्यक्रम में हुई भगदड़ में तीन लोगों की मौत के बाद राजनीति चरम पर है इस मामले में तृणमूल भाजपा को गिरने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ ना चाहती इस मामले में मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए आसनसोल के स्थानीय नेता तो जा ही रहे हैं अब राज्य के मंत्रियों का एक प्रतिनिधि मंडल भी रविवार को आसनसोल पहुंचा इस प्रतिनिधिमंडल में स्थानीय विधायक स्व मंत्री वाले घटक के अलावे डॉ शशि पांचा बाबुल सुपर यू पार्थ भूमि की अलावा राज्य की हिंदी प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेक गुप्ता तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष सैनी घुस मौजूद थे आसनसोल पहुंचने के बाद सर उत्तम यह रहा ले निश्चित रेल पार्टी कार्यालय में आसनसोल के ठानी नेताओं से मिले इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल आसनसोल के रामकृष्ण ढकाल पहुंचा दौरान उन्होंने तीनों मृतकों के घर गए एवं उनके परिजनों को सांत्वना दिया साथी इस दौरान इन्होंने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता जी प्रदान किए इस दौरान आसनसोल के तृणमूल के द वर्क सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित थे जिसमें मेयर विधान उपाध्याय अभिजीत घटक विश्व दासन दासु सहित अन्य सभी वरिष्ठ तृणमूल नेता उपस्थित थे सभी नेता मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद रहा लेन के पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया सर्वप्रथम मंत्री मलय घटक ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि भाजपा द्वारा वार्ड संख्या 27 में अवैध रूप से कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था इसमें भगदड़ में 3 लोगों की मौत हो गई जिसके बाद तृणमूल के कार्यकर्ता मृतकों के परिजनों के साथ 24 घंटे खड़ा रहा एवं उनकी मदद कर रहा है वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मृतकों के परिजनों के साथ खड़ा होकर अपने प्रतिनिधिमंडल को इनसे मिलने भेजा है। 


सायनी घोष ने कहा कि जिन लोगों ने शिव चर्चा और कंबल वितरण के नाम पर इतने लोगों को जुटाया उनको इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इतने छोटे जगह पर इतने सारे लोगों को बुलाकर कार्यक्रम करना उचित नहीं था। आयोजकों को इस पर ध्यान रखने की जरूरत थी। बिना अनुमति इस तरह का कार्यक्रम किया गया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। सायनी ने भाजपा के प्रतिपक्ष नेता शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह किसी के छूने पर कहते हैं कि डोंट टच माय बॉडी लेकिन जब भगदड़ में 3 लोगों की मौत हो गई थी तो वह उनको देखने तक नहीं गए। बंगाल की जनता भविष्य में इसका माकूल जवाब देगी।


वही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य शशि पांजा ने कहा कि सामाजिक और धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर वहां पर राजनीति की जा रही थी। कंबल का प्रलोभन देकर लोगों को इकट्ठा किया गया था ताकि शुभेंदु अधिकारी की सभा को कामयाब दिखाया जा सके। इस दौरान उन्होंने एक बहुत बड़ा अपराध किया है। सभा की अनुमति नहीं थी जहां पर एक छोटे से जगह पर कार्यक्रम किया गया इस घटना के लिए स्थानीय पार्षद नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भाजपा नेत्री चैताली तिवारी जिम्मेदार है। उन्होंने इन से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भाजपा नेतृत्व घटना की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर रहा है। इस दौरान उन्होंने शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या यही था उनका 14 दिसंबर का धमाका ? घटना के बाद तृणमूल नेताओं की भूमिका की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से यहां के विधायक मंत्री मलय घटक एवं अन्य तृणमूल कार्यकर्ता मृतकों के परिजनों एवं घायलों के साथ खड़े रहे यह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से गुजरात के मोरबी में पुल के ढह जाने पर दुर्भाग्य जनक तरीके से सैकड़ों लोगों की मौत हुई यह घटना भी उसी तरह का था।


वहीं बाबुल सुप्रियो ने कहा कि वहां सभा की अनुमति नहीं थी कोई नहीं जानता कि कितने कूपन बांटे गए थे। सुभेंदु अधिकारी किसी ज्योतिष की तरह तारीख पर तारीख दिए जाते हैं और उनके सभा को कामयाब करने के लिए झारखंड से लोगों को बुलाना पड़ता है। जो लोग कह रहे हैं कि आज वह आसनसोल में पिकनिक करने आए हैं उनकी सोच पर तरस आता है। 


वहीं मंत्री पार्थो भौमिक ने कहा कि नेताओं में मानवीय मूल्यबोध रहने की जरूरत है। आज जब वह पीड़ित परिवारों से मिले तो उनकी बातों में सिर्फ एक ही दुख लग रहा था की घटना के बाद भाजपा का कोई नेता उनसे मिलने तक नहीं आया। उनके हालात के बारे में पूछने तक नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि शुभेंदु अधिकारी को चुनाव जीतने के लिए कंबल वितरण करने की जरूरत पड़ती है लेकिन तृणमूल को इसकी जरूरत नहीं पड़ती। जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल में थे तब ममता बनर्जी के आशीर्वाद से उन्होंने अपना राजनीतिक कैरियर बनाया था और उन्होंने ममता बनर्जी से गद्दारी करके भाजपा में चले गए।


 वहीं तृणमूल हिंदी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने कहा कि भाजपा नेताओं की राजनीति महत्वाकांक्षा के कारण तीन जिंदगी या बलि चढ़ गई। भाजपा नेता ट्वीट के जरिए अपनी राजनीति करते हैं जबकि तृणमूल नेता जमीनी स्तर पर उतरकर राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता इस घटना में साजिश की बात कह रहे हैं जबकि उन्होंने खुद कंबल वितरण के नाम पर राजनीति की रोटी सेकने चले थे।

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