रानीगंज-पांच साल बाद फिर से टीईटी परीक्षा हुई. पुरे प्रदेश में इस बार 6 लाख 90 हजार 934 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था, जिसमें से खनन क्षेत्र रानीगंज के दो महाविद्यालयों में परीक्षा का आयोजन किया गया. इनमे से एक त्रिवेणी देवी भालेटिया कॉलेज में जहां 1868 परीक्षार्थियों में से 988 परीक्षार्थी शामिल हुए ,वहीं रानीगंज के गर्ल्स कॉलेज में 800 में से 737 परीक्षार्थी टीईटी परीक्षा में बैठे. इस बार परीक्षा को सुचारू रूप से सफल बनाने के लिए पुलिस प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग के सभी सदस्यों ने विशेष पहल की थी . परीक्षा में शामिल होने से पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान कई तरह की पाबंदियां लगाई गई थी. मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद सभी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने दिया गया. उम्मीदवारों को केवल पहचान पत्र और कलम के साथ ले जाने की सिर्फ इजाजत दी गई थी. अपने मोजे और टोपी उतारकर और कोई भी वस्तु परीक्षा केंद्र तक ले जाने की इजाजत नहीं थी , सबकुछ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रहा था.एसीपी सेंट्रल दो श्रीमंत बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस ने भारी बल के साथ सभी परीक्षा केंद्रों को चारों ओर से घेरा बन्दी कर रखा था, वहीं क्षेत्र में ट्रैफिक जाम न हो इसकी तरफ भी विशेष रूप से नजर रखी गई थी,शिशु बगान मोड़,कॉलेज रोड में नो एंट्री के तहत चार पहिया वाहनों का आवागमन बन्द थी. दोपहर 12:00 से 2:30 बजे तक परीक्षा संपन्न हुआ. जहां अधिकांश अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र बहुत अच्छे थे और उन्होंने परीक्षा अच्छे से दी थी. परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न होने से प्रशासन से लेकर परीक्षार्थी सभी खुश नजर आए.
समय पर न पहुंचने के कारण काफी परीक्षार्थियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा
रानीगंज- रानीगंज गर्ल्स कॉलेज में टीईटी की परीक्षा देने के लिए समय पर परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंचने के कारण कई अभ्यर्थियों को वापस लौटना पड़ा. ग्यारह बजे के बाद कई परीक्षार्थी लंबा सफर तय करने के बाद परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंच सके तो पुलिस प्रशासन और कॉलेज प्रशासन ने उन्हें लौटा दिया. हालांकि, कई परीक्षार्थी काफी देर तक कॉलेज गेट के सामने खड़े रहे. वहीं, एक गर्भवती महिला भी काफी देर से परीक्षा केंद्र के बाहर खड़ी थी ,जब पुलिस प्रशासन और कॉलेज के अधिकारियों को इस बात की जानकारी हुई तो उसके साथ आए कुछ परीक्षार्थियों को भी आखिरकार परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने दिया गया. हालांकि इस बीच कई परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र से लौटा दिया गया, लेकिन वे गुस्से और अपमान में परीक्षा केंद्र के गेट से जल्दी ही लौट गए. गौरतलब है कि प्रदेश में पांच साल बाद टीईटी परीक्षा के लिए 6 लाख 90 हजार 934 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था.


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